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Rajaund Electricity Pole Accident: राजौंद में आधी रात को अज्ञात ट्रक ने उखाड़े बिजली के 4 खंभे, किसानों की धान की फसल पर संकट

GGaganpreet Kaur
राजौंद में आधी रात को  अज्ञात ट्रक ने उखाड़े बिजली के 4 खंभे, किसानों की धान की फसल पर संकट
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राजौंद (नरेश कुमार पुहाल)। धान की बुआई के इस बेहद संवेदनशील सीजन में राजौंद के फरियाबाद-करोड़ा रोड पर देर रात एक अज्ञात ट्रक चालक की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ गई। तेज रफ्तार और गफलत में चलाए जा रहे एक भारी वाहन ने खेतों को बिजली देने वाली मेन लाइन के चार खंभों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। खंभे उखाड़ने के बाद आरोपी चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अपने वाहन समेत मौके से भागने में कामयाब रहा। सोमवार सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चारों तरफ हाई वोल्टेज तारें और टूटे हुए खंभे बिखरे पड़े थे।

तारों में फंसा ट्रक और मच गई तबाही

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एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, यह वाकया रविवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे का है। एक बड़ा ट्रक बेहद बेकाबू रफ्तार में फरियाबाद से करोड़ा की तरफ जा रहा था। रास्ते में खेतों की तरफ जा रही बिजली की तारें गर्मी के कारण थोड़ी ढीली होकर नीचे लटकी हुई थीं। ट्रक चालक ने रफ्तार कम करने के बजाय लापरवाही दिखाई, जिसके चलते बिजली के तार ट्रक के ऊपरी हिस्से (बॉडी) में उलझ गए। झटका इतना जबरदस्त था कि कंक्रीट के चार भारी खंभे ताश के पत्तों की तरह एक-एक करके खेतों में ढह गए। गनीमत यह रही कि हादसा देर रात हुआ और उस वक्त खेतों या सड़क पर कोई आवाजाही नहीं थी, वरना किसी की जान भी जा सकती थी।

पनिरी सूखने का डर, बर्बादी की कगार पर किसान

इस समय ग्रामीण इलाकों में धान के सीजन को लेकर चौतरफा व्यस्तता है। खेतों में जीरी (धान) की पनिरी लगाई जा चुकी है, जिसे इस कड़कती धूप में रोजाना पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। पीड़ित किसान रमेश ढुल सेरधा, बलिंद्र, कुलदीप और सुखदेव ने बताया कि बिजली न होने से इलाके के तमाम ट्यूबवेल पूरी तरह से शो-पीस बन गए हैं।

“बिजली गुल होने से खेतों में पानी देने का कोई दूसरा साधन नहीं बचा है। अगर बिजली विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के भीतर नए खंभे लगाकर सप्लाई चालू नहीं की, तो हमारी महंगी पनिरी धूप में झुलसकर राख हो जाएगी और पूरा सीजन बेकार चला जाएगा।”

— बलिंद्र और रमेश ढुल, प्रभावित किसान

जल्द सुनवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों और प्रभावित किसानों में बिजली निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भी गुस्सा पनप रहा है। किसानों ने स्थानीय पुलिस और बिजली विभाग के आला अधिकारियों से मांग की है कि मौके का मुआयना कर तुरंत तकनीकी टीम भेजी जाए। किसानों का कहना है कि सिर्फ मामला दर्ज करने से उनकी फसल नहीं बचेगी, प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करके नए पोल खड़े करने होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाया गया, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।

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