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Rajound Stray Cattle Issue: राजौंद में सड़कों पर घूम रही बेसहारा गौवंश बनी समस्या

GGaganpreet Kaur
राजौंद में सड़कों पर घूम रही बेसहारा गौवंश बनी समस्या
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राजौंद (नरेश पुहाल ): कस्बा राजौंद की लाइफलाइन कही जाने वाली मुख्य सड़कें और बाजार इन दिनों एक अजीबोगरीब और खतरनाक संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के सजग पत्रकार नरेश पुहाल की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, शहर की कोई भी ऐसी गली या मुख्य मार्ग नहीं बचा है जहां बेसहारा गोवंश के झुंड नजर न आएं। दिन के समय तो जैसे-जैसे वाहन चालक इन पशुओं से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन असली मुसीबत सूरज ढलने के बाद शुरू होती है।

कस्बे में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण हर तरफ धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। ऐसे में भारी वाहनों के पीछे उड़ती मिट्टी के बीच सड़क पर अचानक सामने आने वाले ये मूक पशु किसी को दिखाई नहीं देते। टू-व्हीलर सवार अक्सर इनसे टकराकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं।

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“शिकायत के बाद भी नपा बेअसर”— स्थानीय लोगों ने बयां किया दर्द

बाजार और रिहायशी इलाकों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों दीपक रावल, सेमी लाल, विशाल, सोमनाथ, लखविंदर सिंह और कुलदीप ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि प्रशासन की सुस्ती आमजन की जान पर भारी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि आवारा सांड कई बार आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे न सिर्फ दुकानों के बाहर रखा सामान तहस-नहस हो जाता है, बल्कि बाजार आए ग्राहकों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-अधर भागना पड़ता है।

नागरिकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पहले भी नगर पालिका राजौंद के दफ्तर में कई चक्कर काटे गए थे। शिकायत के बाद कुछ दिन तो नपा की गाड़ियां दौड़ीं और पशुओं को पकड़ा गया, लेकिन अब ऐसा लगता है कि प्रशासन इस समस्या को भूल चुका है। नतीजा यह है कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बीमार और बूढ़े पशु लाकर लोग रात के अंधेरे में शहर की सीमा पर छोड़ जाते हैं।

नपा सचिव बोले— “जल्द दोबारा शुरू होगी धरपकड़”

इस गंभीर मुद्दे पर जब नगर पालिका प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो नपा सचिव ने अपनी पुरानी कवायदों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “यह सच है कि पहले भी नगर पालिका की टीम ने शहर को पशुमुक्त बनाने के लिए बड़ा अभियान चलाया था और गोवंश को पकड़कर सरकारी व निजी गौशालाओं में भिजवाया गया था। पिछले कुछ दिनों में आवारा पशुओं की तादाद अचानक दोबारा बढ़ी है।”

सचिव ने आश्वासन दिया कि वे इस जन-समस्या के प्रति गंभीर हैं और बहुत जल्द ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और विशेष कैटल कैचर्स (पशु पकड़ने वाले वाहनों) की व्यवस्था कर एक नया शेडयूल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी कुछ दिनों के भीतर ही मुख्य मार्गों को साफ कर दिया जाएगा ताकि राहगीरों को इस मानसिक और शारीरिक परेशानी से निजात मिल सके।

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