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Kaithal News: राजौंद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: 'वादों से पेट नहीं भरता', वेतन वृद्धि न होने पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

GGaganpreet Kaur
राजौंद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: 'वादों से पेट नहीं भरता', वेतन वृद्धि न होने पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
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कैथल। हरियाणा सरकार की कथित भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ राजौंद नगर पालिका के कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया है। बुधवार को झाड़ू और औजार छोड़कर कर्मचारी नगर पालिका के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ कर दिया कि जब तक उनकी जायज मांगों पर मुहर नहीं लगती, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन समेत तमाम सफाई व्यवस्था ठप रहेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी खाली हैं हाथ

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धरने को संबोधित करते हुए संघ के राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण और जिला सचिव विनोद कुमार ने सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने याद दिलाया कि नवंबर 2024 में जींद के एक बड़े मंच से मुख्यमंत्री नायब सैनी और मंत्री कृष्ण बेदी ने बड़े जोर-शोर से ग्रामीण सफाई कर्मियों को 26 हजार और शहरी सफाई कर्मियों को 27 हजार रुपये वेतन देने का ऐलान किया था। लेकिन विडंबना देखिए कि महीनों बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों के खाते में पुराना वेतन ही आ रहा है। नेताओं ने इसे कर्मचारियों के साथ ‘भद्दा मजाक’ करार दिया है।

11 साल का हिसाब: “एक भी कर्मचारी पक्का नहीं हुआ”

कर्मचारी नेताओं ने भाजपा सरकार के 11 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि 8 फरवरी 2023 को आंदोलन के दबाव में सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए एक कमेटी गठित की थी। उस पत्र को जारी हुए लंबा अरसा हो गया, लेकिन आज तक एक भी सफाई या सीवर कर्मचारी की नौकरी स्थाई नहीं हो सकी। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार केवल कमेटियां बनाकर समय टालने का काम कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कर्मचारी आज भी असुरक्षित भविष्य के साथ काम करने को मजबूर हैं।

थम सकती है शहर की रफ्तार

हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने के आसार हैं। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अब केवल आश्वासन से मानने वाले नहीं हैं। इस प्रदर्शन में ब्लॉक प्रधान राजकुमार कश्यप और सचिव रोहतास ने भी अपने विचार रखे और कहा कि यदि जल्द ही अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल, राजौंद नगर पालिका में कामकाज पूरी तरह ठप है और अधिकारी भी इस गतिरोध को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

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