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Rajound News: राजौंद में समाजसेवी काका अरोड़ा ने अपने खर्च से श्मशान घाट में लगवाया बोर और पानी की टंकी

GGaganpreet Kaur
राजौंद में समाजसेवी काका अरोड़ा ने अपने खर्च से श्मशान घाट में लगवाया बोर और पानी की टंकी
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राजौंद (नरेश कुमार पुहाल) राजौंद इलाके से समाज सेवा की एक बेहद मानवीय तस्वीर सामने आई है। अपनों को खोने के गम में डूबे परिवारों को अब श्मशान घाट में पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इलाके के जाने-माने समाजसेवी अनिल अरोड़ा उर्फ काका अरोड़ा ने एक बार फिर अपनी नि:स्वार्थ सेवा भावना का परिचय देते हुए अनुसूचित जाति (एससी) समाज के श्मशान घाट की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने श्मशान घाट परिसर में अपने निजी बजट से बोरवेल (बोर) खुदवाया है और साथ ही पानी की एक बड़ी टंकी का निर्माण भी करवाया है।

समस्या सुनते ही बिना देरी के शुरू कराया काम

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अंतिम विदाई के वक्त श्मशान घाट पहुंचने वाले लोगों को पानी न होने की वजह से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। तपती गर्मी में यह समस्या और ज्यादा कष्टदायक हो जाती थी। जैसे ही यह बात काका अरोड़ा के कानों तक पहुंची, उन्होंने प्रशासनिक मंजूरी या सरकारी बजट का इंतजार करने के बजाय खुद इस बीड़े को उठाने का फैसला किया। महज कुछ ही दिनों के भीतर वहां बोरिंग का काम पूरा कराकर पानी की टंकी खड़ी करवा दी गई, जिससे अब श्मशान घाट में चौबीसों घंटे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।

स्थानीय ग्रामीणों ने जताया आभार, काम की हर तरफ चर्चा

इस सराहनीय काम के बाद राजौंद के एससी समाज सहित आम ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। श्मशान घाट परिसर में इकट्ठा हुए स्थानीय नागरिक बबलू पुहाल, सिंदा, राहुल, नरेश पुहाल, सूबे सिंह, प्रदीप कुमार, सतपाल और राजेंद्र आदि ने काका अरोड़ा के इस कदम को मानवता की अनूठी मिसाल बताया। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की बुनियादी सुविधा जुटाना बेहद पुण्य का काम है। आज पूरे राजौंद इलाके में काका अरोड़ा के इस परोपकारी स्वभाव की जमकर चर्चा हो रही है।

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