Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

रैपर से नेता बने ‘बालेन’ ने नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली

VVinita Kohli
रैपर से नेता बने ‘बालेन’ ने नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

काठमांडू: नेपाल में ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शन के कारण के पी शर्मा ओली नीत सरकार के सत्ता से अपदस्थ होने के छह महीने बाद, बालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने नेपाल के लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शुक्रवार को शपथ ली। रैपर ने नेता बने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के 35 वर्षीय नेता ने शीतल निवास स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में अपराह्न 12 बजकर 34 मिनट के ‘शुभ मुहूर्त’ में शपथ ली। बालेन नेपाल के प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले सबसे युवा नेता हैं और वह कार्यपालिका का शीर्ष पद संभालने वाले मधेश क्षेत्र के पहले व्यक्ति भी हैं।

उन्हें राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76 (1) के अनुसार 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शुक्रवार को नियुक्त किया। बालेन पूर्व प्रधानमंत्री ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के पिछले साल सितंबर में सत्ता से बेदखल होने के बाद शपथ लेने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पहले प्रधानमंत्री हैं। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाला ‘जेन-जेड’ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था जिसके बाद ओली सरकार को अपदस्थ होना पड़ा।

बालेन के शपथ ग्रहण समारोह में हिंदू और बौद्ध धार्मिक परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिला। समारोह में विस्तृत धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इस दौरान सात ब्राह्मणों ने शंखनाद किया, 108 हिंदू बटुकों या युवा ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया या स्वस्ति वाचन किया और 107 लामाओं ने मंगल वाचन अथवा बौद्ध धर्मग्रंथों का पाठ किया। सूत्रों ने बताया कि बालेन संभवत: 15 से 18 मंत्रियों वाला एक छोटा मंत्रिमंडल गठित करेंगे। पांच मार्च को हुए आम चुनाव में काठमांडू के पूर्व महापौर ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से ओली को भारी अंतर से हराया था। आरएसपी ने चुनाव में प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीट में से 182 सीट जीतकर भारी विजय हासिल की

विज्ञापन

दुनिया की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।