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Raw Mango in Summer Side Effects: कच्चा आम खाने के शौकीन सावधान! गर्म होती है कैरी की तासीर, ज्यादा खाया तो भुगतने पड़ेंगे ये 5 नुकसान

GGaganpreet Kaur
कच्चा आम खाने के शौकीन सावधान! गर्म होती है कैरी की तासीर, ज्यादा खाया तो भुगतने पड़ेंगे ये 5 नुकसान
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Kacha Aam Taseer: चिलचिलाती धूप और उमस भरे इस मौसम में जैसे ही बाजारों में कैरी की खुशबू महकने लगती है, लोगों के मुंह में पानी आना स्वाभाविक है। कोई इस पर नमक-मिर्च लगाकर खाना पसंद करता है, तो कोई भोजन की थाली में इसकी चटनी को अनिवार्य हिस्सा मानता है। लेकिन अक्सर लोग इस मुगालते में रहते हैं कि चूंकि यह गर्मी का फल है, इसलिए यह शरीर को अंदर से शीतलता प्रदान करेगा। आयुर्वेद और आहार विशेषज्ञों की मानें तो सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। कच्चे आम की तासीर स्वभाव से उष्ण यानी हल्की गर्म होती है। अगर आप भी इस मौसम में स्वाद के चक्कर में थैलियां भर-भरकर कैरी खा रहे हैं, तो रुकिए; क्योंकि आपकी यह आदत पेट के हाजमे को पूरी तरह बिगाड़ सकती है।

पुदीने और जीरे का संग बदल देता है मिजाज: ऐसे बनता है यह अमृत

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अब सवाल उठता है कि अगर इसकी तासीर गर्म है, तो सदियों से इसे गर्मियों का रक्षक क्यों कहा गया है? दरअसल, यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसका सेवन किस रूप में और किन चीजों के साथ मिलाकर कर रहे हैं। जब कच्चे आम को उबालकर उसमें पुदीने की ताजी पत्तियां, भुना हुआ जीरा, चीनी या गुड़ और काला नमक मिलाया जाता है, तो यह ‘आम पना’ नामक पारंपरिक पेय में बदल जाता है। मसालों और जड़ी-बूटियों का यह अनूठा मिश्रण कच्चे आम की गर्म तासीर को पूरी तरह दबा देता है और यह शरीर के भीतर जाते ही इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को दुरुस्त करता है। यही कारण है कि लू के थपेड़ों से बचने के लिए इसे आज भी सबसे मुफीद देसी इलाज माना जाता है।

खाली पेट कैरी खाने की भूल न करें, बढ़ सकती है पेट की जलन

डाइटिशियन अक्सर चेतावनी देते हैं कि किसी भी फल का अत्यधिक मोह नुकसानदेह होता है, और कैरी के मामले में यह बात शत-प्रतिशत लागू होती है। बहुत से लोग, खासकर बच्चे, दोपहर के वक्त नमक और तीखे मसाले लगाकर लगातार कच्चा आम चबाते रहते हैं। ऐसा करने से इसमें मौजूद साइट्रिक एसिड पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है, जिससे भयंकर ब्लोटिंग, गैस और खट्टी डकारों की समस्या शुरू हो जाती है। इसके अलावा, सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि यह पेट के प्राकृतिक एसिड लेवल को बिगाड़ देता है। एक और आम गलती जो लोग अक्सर करते हैं, वह है कैरी खाने के तुरंत बाद फ्रिज का चिलचिलाता ठंडा पानी पीना; यह कॉम्बिनेशन गले में अचानक इन्फेक्शन और टॉन्सिल की वजह बन सकता है।

विटामिन-सी का खजाना है, लेकिन इन लोगों को बरतनी होगी दूरी

अगर मात्रा संतुलित हो, तो कच्चा आम किसी औषधि से कम नहीं है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है और गर्मियों में होने वाली सुस्ती व डिहाइड्रेशन को दूर रखता है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि जिन लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील है, जिन्हें अक्सर अल्सर या मुंह में छालों की शिकायत रहती है, उन्हें कच्चे आम से दूरी बना लेनी चाहिए। साथ ही, छोटे बच्चों को बहुत ज्यादा खट्टी कैरी देने से उनके पेट में मरोड़ उठ सकती है। कुल मिलाकर बात इतनी सी है कि प्रकृति के इस खट्टे उपहार का आनंद जरूर लें, लेकिन सलीके और सीमित मात्रा के साथ, ताकि स्वाद भी बना रहे और सेहत भी सलामत रहे।

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