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देश के विकास के लिए जिम्मेदार नेतृत्व जरूरी: गुलाब चंद कटारिया

JJagmarg Desk
देश के विकास के लिए जिम्मेदार नेतृत्व जरूरी: गुलाब चंद कटारिया
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चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार पंजाब लोक भवन में “नेतृत्व साधना–सत्रह” शीर्षक से आयोजित सामाजिक-राजनीतिक नेतृत्व के छह दिवसीय आवासीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। यह कार्यक्रम इंस्टीट्यूट फॉर इंक्लूसिव पॉलिसी एंड गवर्नेंस तथा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, (एआईटीटीआर), चंडीगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

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राष्ट्र-निर्माण के लिए संवेदनशील, समावेशी और उत्तरदायी नेतृत्व अत्यंत आवश्यक

प्रशासक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभावी राष्ट्र-निर्माण के लिए संवेदनशील, समावेशी और उत्तरदायी नेतृत्व का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आजीवन सीखने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान और अनुभवों का उपयोग समाज के व्यापक कल्याण के लिए करें। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में निरंतर अध्ययन और आत्ममंथन प्रभावी नेतृत्व के अनिवार्य गुण हैं। कटारिया ने कहा कि “नेतृत्व साधना” जैसे सामाजिक-राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े आवासीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नीति-दृष्टि और जनसेवा के मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 कटारिया ने नेतृत्व विकास, सुशासन और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के योगदान की सराहना की। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने तथ्य-आधारित नीति निर्माण अपनाने और सेवा-भाव के साथ पेशेवर दायित्वों के निर्वहन पर जोर दिया। उन्होंने “विकसित भारत–2047” के लक्ष्य को साकार करने में युवा पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया।

प्रतिभागियों ने अपने अनुभव किए साझा

संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि यह कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व विकास, आत्म-जागरूकता तथा नेतृत्व की स्पष्ट समझ विकसित करने में सहायक रहा है। इस पाठ्यक्रम में विभिन्न पेशेवर पृष्ठभूमियों से आए कुल 40 प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री विवेक प्रताप सिंह, समावेशी नीति एवं शासन संस्थान से अधिवक्ता बलजिंदर सिंह ठाकुर तथा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) भोला राम गुर्जर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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