रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में शिक्षा का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। सरकारी स्कूलों के छात्र अब केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे लैब में बैठकर रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे जटिल विषयों पर प्रैक्टिकल करेंगे। नीति आयोग की पहल पर जिले के 10 चुनिंदा सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब (ATL) तैयार कर दी गई हैं। इस कदम का सीधा मकसद ग्रामीण परिवेश के छात्रों के भीतर छिपे वैज्ञानिक को बाहर लाना और उन्हें 21वीं सदी की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
बिठवाना में सजेगी शिक्षकों की पाठशाला, विशेषज्ञ देंगे ट्रेनिंग
लैब तो स्थापित हो गई हैं, लेकिन इनका सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ट्रेनिंग का रोडमैप तैयार किया है। 26 मई से 30 मई तक बिठवाना स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षकों को मशीन लर्निंग, एआई (AI) और रोबोटिक किट्स के इस्तेमाल की बारीकियाँ सिखाई जाएंगी। विभाग का मानना है कि जब शिक्षक इन आधुनिक उपकरणों को चलाने में माहिर होंगे, तभी वे बच्चों को नवाचार (Innovation) के लिए प्रेरित कर पाएंगे।
इन 10 गांवों के स्कूलों की बदली किस्मत
रेवाड़ी के जिन गांवों के स्कूलों में यह लैब शुरू हुई है, उनमें बीकानेर, नांगल शहबाजपुर, संगवाड़ी, गुर्जर माजरी, बिठवाना, नांगल तेजू, रतनथल, कोसली, झाड़ौदा और बगथला शामिल हैं। इन लैब्स में छात्रों को न केवल उपकरण मिलेंगे, बल्कि उन्हें अपने मौलिक आइडिया पर काम करने की पूरी आजादी होगी। खास बात यह है कि केंद्र सरकार इन लैब्स के लिए हर साल 2 लाख रुपये का बजट देगी, ताकि उपकरणों की कमी न हो और नए प्रोजेक्ट्स पर रिसर्च जारी रह सके।
भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो रहा है ‘नया हरियाणा’
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट का केंद्र ‘समस्या समाधान क्षमता’ (Problem Solving Skills) विकसित करना है। लैब में ट्रेनिंग के दौरान बच्चों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को तकनीक के जरिए हल करना सिखाया जाएगा। पहले दिन जहां लैब की अवधारणा पर बात होगी, वहीं आखिरी दिनों में शिक्षकों और छात्रों से मॉडल प्रोजेक्ट्स बनवाए जाएंगे। इससे न केवल सरकारी स्कूलों का स्तर सुधरेगा, बल्कि निजी स्कूलों के मुकाबले इन बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

