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Rewari Mandi News: रेवाड़ी मंडी में मिलर्स की बड़ी चोरी पकड़ी: 2000 क्विंटल सरसों का स्टॉक मिला 'अवैध', प्रशासन ने वसूले लाखों

AAmandeep Singh
रेवाड़ी मंडी में मिलर्स की बड़ी चोरी पकड़ी: 2000 क्विंटल सरसों का स्टॉक मिला 'अवैध', प्रशासन ने वसूले लाखों
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रेवाड़ी। रेवाड़ी की नई अनाज मंडी में इन दिनों सरसों की बंपर आवक हो रही है। इसी का फायदा उठाकर कुछ मिलर्स ने मार्केट फीस बचाने के लिए एक नया तरीका निकाला—खरीद तो की, लेकिन उसे रजिस्टरों में दर्ज नहीं किया। मार्केट कमेटी के सचिव मनीष कुमार ने बताया कि जब उनकी टीम ने 5-6 बड़े मिलर्स के स्टॉक की भौतिक जांच (Physical Verification) की, तो हकीकत कुछ और ही निकली। रजिस्टरों में दिखाई गई उपज की मात्रा और मौके पर मौजूद बोरियों के बीच जमीन-आसमान का अंतर था।

1% फीस बचाने के चक्कर में फंसा ‘पेच’

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नियमों के मुताबिक, मंडी में बिकने वाली सरसों पर 1 प्रतिशत और गेहूं पर 2 प्रतिशत मार्केट फीस सरकार को देनी होती है। जांच के दौरान लगभग 2,000 क्विंटल सरसों ऐसी पाई गई, जिसे बिना गेट पास या बिना एंट्री के गोदामों में डंप किया गया था। जैसे ही अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन कर मिलान किया, मिलर्स की चोरी पकड़ी गई। सचिव ने बताया कि इस अंतर के आधार पर गणना की गई और संबंधित मिलर्स से बकाया राशि सरकारी खाते में जमा करवाई गई।

सख्ती का दौर: अब केवल वसूली नहीं, लगेगा भारी जुर्माना

मंडी सचिव मनीष कुमार ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने बताया कि सरकारी नियमों के तहत मार्केट फीस की चोरी करना केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि मंडी नियमों का उल्लंघन है। आगे से ऐसे मामलों में न केवल बकाया फीस वसूली जाएगी, बल्कि 25 से 50 प्रतिशत तक का भारी जुर्माना भी ठोका जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य मंडी में पूरी पारदर्शिता लाना और राजस्व के नुकसान को शून्य पर ले जाना है।

आवक के बीच ‘निगरानी’ की चुनौती

मौजूदा सीजन की बात करें तो रेवाड़ी मंडी में अब तक करीब 1.65 लाख क्विंटल सरसों और 7 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। आवक के इस भारी दबाव के बीच कुछ कारोबारी नियमों को ताक पर रखकर मुनाफा कमाने की फिराक में रहते हैं। अधिकारियों का कहना है कि मिलर्स द्वारा की गई इस तरह की अनियमितता ने मंडी की निगरानी प्रणाली को और अधिक सतर्क कर दिया है। अब आने वाले दिनों में गोदामों और स्टॉक रजिस्टरों की चेकिंग और अधिक सघन की जाएगी।

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