लखनऊ/अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के क्रिकेटर रिंकू सिंह के लिए मंगलवार (24 मार्च) का दिन करियर का बड़ा मोड़ लेकर आया। IPL 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका नियुक्ति पत्र जारी किया, हालांकि रिंकू उस समय KKR के ट्रेनिंग कैंप में मौजूद थे।
यह फैसला सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि यूपी के युवाओं के लिए बड़ा संदेश है कि खेल में सफलता अब सरकारी जिम्मेदारियों तक भी पहुंच बना रही है।
क्या होगा रिंकू सिंह का रोल?
रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का पद ग्रेड-2 गजेटेड ऑफिसर की श्रेणी में आता है। इस पद पर रहते हुए रिंकू को खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा और स्टेडियमों की देखरेख करनी होगी।
इसके अलावा नए खिलाड़ियों को पहचानना और उनके टैलेंट को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर रहेगी। इसका मतलब है कि अब रिंकू मैदान के बाहर भी खिलाड़ियों के करियर बनाने में भूमिका निभाएंगे।
इतनी होगी सैलरी और सुविधाएं
रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के तौर पर रिंकू सिंह को शुरुआती तौर पर 70 से 80 हजार रुपये के बीच सैलरी मिलेगी। समय के साथ इसमें बढ़ोतरी और प्रमोशन के मौके भी मिलेंगे।
सरकारी नौकरी मिलने से उन्हें स्थिर आय और प्रशासनिक अनुभव मिलेगा, जो लंबे करियर के लिहाज से अहम माना जाता है।
क्रिकेट करियर ने दिलाई पहचान
रिंकू सिंह ने IPL 2023 में यश दयाल के खिलाफ एक ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर सुर्खियां बटोरी थीं। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम इंडिया में मौका मिला और उन्होंने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली टीम का हिस्सा बने।
हाल ही में वह भारत के साथ T20 वर्ल्ड कप जीतने में भी शामिल रहे, जिससे उनकी पहचान और मजबूत हुई।
KKR में बढ़ी जिम्मेदारी, अब उप-कप्तान
रिंकू पिछले 8 सालों से कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा हैं। टीम ने उनके प्रदर्शन और भरोसे को देखते हुए उन्हें उप-कप्तान बनाया है।
वह वेंकटेश अय्यर की जगह लेंगे, जो अब टीम में नहीं हैं। इससे साफ है कि KKR मैनेजमेंट अब रिंकू को लीडरशिप रोल में आगे बढ़ाना चाहता है।

