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Kaithal Youth Beaten Rishikesh: ऋषिकेश मारपीट मामले में नया मोड़: कथित पीड़ित बच्ची की मां बोलीं- "भीड़ ने मेरी बात भी नहीं सुनी और हरियाणवियों को नंगा कर पीटा"

GGaganpreet Kaur
ऋषिकेश मारपीट मामले में नया मोड़: कथित पीड़ित बच्ची की मां बोलीं- "भीड़ ने मेरी बात भी नहीं सुनी और हरियाणवियों को नंगा कर पीटा"
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कैथल।  उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल ऋषिकेश से बुधवार को आई एक खौफनाक तस्वीर ने देवभूमि की कानून व्यवस्था और सामाजिक चेतना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। यहाँ हरियाणा के कैथल से घूमने आए दो युवकों को एक तथाकथित अश्लील इशारे के आरोप में भीड़ ने तालिबानी अंदाज़ में नंगा करके सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। लेकिन अब इस पूरी कहानी में जो सच सामने आया है, उसने भीड़िया मानसिकता की कलई खोलकर रख दी है। जिस 8 साल की बच्ची से बदसलूकी की बात कहकर यह पूरा बखेड़ा खड़ा किया गया था, उसकी मां ने खुद सामने आकर भीड़ की इस गुंडागर्दी की कड़े शब्दों में निंदा की है और बताया कि कैसे लोग बिना सच जाने किसी की जान लेने पर उतारू हो गए थे।

“हम तो सिर्फ पूछ रहे थे, भीड़ ने बिना बात जाने कपड़े फाड़ दिए”

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घटना के संबंध में अपनी स्कूटी पर बेटी के साथ बाजार जा रही महिला ने सिलसिलेवार ढंग से हकीकत बयां की है। महिला के मुताबिक, गुरुवार की शाम जब वे काली की ढाल इलाके के पास से गुज़र रही थीं, तो उनकी बेटी ने शिकायत की कि पास से गुजर रही हरियाणा नंबर की वेन्यू गाड़ी में बैठे कुछ लोग अजीब इशारे कर रहे हैं। महिला ने सजगता दिखाते हुए तुरंत कार सवार युवकों को रोका और पूछा कि मामला क्या है। कार सवार युवक भी अपनी सफाई दे ही रहे थे और दोनों पक्षों में सामान्य बातचीत चल रही थी कि अचानक वहां स्थानीय लोग और कुछ अन्य राज्यों के टूरिस्ट जमा हो गए। महिला ने बताया कि उन लोगों ने बिना यह जाने कि आखिर हुआ क्या है, सीधे युवकों पर हमला बोल दिया। महिला चीखती रही, लोगों को रोकती रही कि मारो मत, लेकिन उग्र हो चुकी भीड़ ने युवकों के कपड़े फाड़ दिए और उन्हें सड़क पर नंगा करके पीटना शुरू कर दिया, जिससे खुद महिला और उनकी बच्ची भी बुरी तरह डर गईं। इसके बाद उन्होंने खुद पुलिस (डायल-112) को फोन कर जानकारी दी।

‘HR’ नंबर देखते ही भड़क उठती है नफ़रत? पीड़ितों ने लगाया गंभीर आरोप

इस जानलेवा हमले का शिकार हुए कैथल निवासी सतीश कुमार ने अस्पताल से अपनी आपबीती सुनाते हुए उत्तराखंड के माहौल और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश का कहना है कि वे सिर्फ अपने दोस्त के साथ ऋषिकेश की वादियों को देखने आए थे, लेकिन उनकी गाड़ी का नंबर (HR08AL9398) देखते ही स्थानीय उपद्रवियों ने उन्हें सॉफ्ट टारगेट बना लिया। सतीश ने किसी भी तरह की अश्लील हरकत या बच्ची को परेशान करने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा, “हमारी कोई गलती नहीं थी, बातचीत के दौरान बस हमारी आवाज़ थोड़ी तेज क्या हुई, लोगों ने हरियाणा का नंबर देखकर अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी। हमारी गाड़ी तोड़ दी, हमें निर्वस्त्र कर पूरे बाजार में ज़लील किया गया।” पीड़ितों ने अब इस पूरे मामले की लिखित शिकायत ऋषिकेश पुलिस को सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया, जांच में जुटे अधिकारी

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए आईडीपीएल चौकी पुलिस ने तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर धावा बोला था। यदि पुलिस मौके पर पहुंचने में थोड़ी भी देरी करती, तो उन्मादी भीड़ दोनों युवकों की मॉब लिंचिंग (पीट-पीटकर हत्या) भी कर सकती थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों लहूलुहान पर्यटकों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया। ऋषिकेश पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है, चाहे आरोप कुछ भी हो। पुलिस अब महिला के बयान और मौके पर मौजूद सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुए मारपीट के वीडियो के आधार पर हुड़दंगियों की पहचान कर रही है, ताकि पर्यटकों के साथ इस तरह की बर्बरता करने वालों को जेल भेजा जा सके।

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