Rohtak Boxer Parveen Hooda: रोहतक के रुड़की गांव की बेटी प्रवीण हुड्डा एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची, मेडल पक्का
रुड़की गांव की बेटी प्रवीण हुड्डा एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची, मेडल पक्का
Rohtak Boxer Parveen Hooda: हरियाणा की माटी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुक्केबाजी के खेल में उसका कोई सानी नहीं है। (Rohtak Boxer Parveen Hooda) रोहतक जिले के रुड़की गांव की रहने वाली स्टार भारतीय महिला मुक्केबाज प्रवीण हुड्डा ने एशियन गेम्स में अपनी पंचिंग पावर का लोहा मनवाते हुए 65 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है।
सेमीफाइनल मुकाबले में प्रवीण ने अपने प्रतिद्वंद्वी को रिंग में टिकने तक का मौका नहीं दिया और 5-0 के एकतरफा व स्पष्ट अंतर से बाजी मारकर देश के लिए कम से कम सिल्वर मेडल सुरक्षित कर लिया है। प्रवीण की इस स्वर्णिम छलांग के बाद रुड़की गांव से लेकर पूरे रोहतक जिले में जश्न का माहौल है और आतिशबाजी शुरू हो चुकी है।
शुरुआत से ही आक्रामक तेवर, जजों ने एक स्वर में प्रवीण को दिया विजेता करार
रिंग में उतरते ही प्रवीण हुड्डा के तेवर बता रहे थे कि वह किस इरादे से आई हैं। पहले ही राउंड से उन्होंने दूरी बनाते हुए सटीक और करारे पंच जड़े। (Rurki Village Rohtak News) विरोधी मुक्केबाज उनके लगातार हमलों से बैकफुट पर आ गई और बचाव करती नजर आई।
प्रवीण ने पूरे तीन राउंड में अपने फुटवर्क और टाइमिंग का बेहतरीन तालमेल दिखाया। मुकाबला खत्म होने के बाद जब जजों का फैसला आया, तो पांचों जजों ने सर्वसम्मति से प्रवीण के पक्ष में 5-0 से फैसला सुनाया। इस शानदार जीत के साथ ही प्रवीण ने गोल्ड मेडल मैच का टिकट कटा लिया।
“पापा, गोल्ड लेकर ही लौटूंगी”: बेटी के वादे पर टिका पूरा परिवार
घर से जब प्रवीण एशियन गेम्स के लिए रवाना हुई थीं, तब उन्होंने अपने परिवार से एक वादा किया था— देश के लिए सोना जीतने का। सेमीफाइनल की इस धमाकेदार जीत के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
परिजनों का कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक से चूकने का मलाल प्रवीण के मन में लगातार बना हुआ था। उस कसक को दूर करने के लिए उसने दिन-रात पसीना बहाया। अब जब वह फाइनल में पहुंच चुकी हैं, तो पूरे परिवार और ग्रामीणों को पक्का यकीन है कि रुड़की की यह बेटी एशियन गेम्स की चैंपियन बनकर ही वतन लौटेगी।
गांव में जश्न का माहौल, ढोल-नगाड़ों और भव्य स्वागत की तैयारियां शुरू
जैसे ही टीवी स्क्रीन पर प्रवीण की जीत की खबर आई, रुड़की गांव में ढोल-नगाड़े बजने शुरू हो गए। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। (Indian Women Boxing Asian Games) गांव के बड़े-बुजुर्गों और युवाओं ने अभी से ही प्रवीण के वापस लौटने पर उनके ऐतिहासिक स्वागत की योजना बनानी शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां देश की यह धाकड़ बॉक्सर गोल्ड मेडल के लिए रिंग में अपने पंच का दम दिखाएगी।
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