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Rohtak Civil Hospital: रोहतक सिविल अस्पताल में अफरा-तफरी: लैब के पास गिरी छत की फॉल सीलिंग, टला बड़ा हादसा

GGaganpreet Kaur
रोहतक सिविल अस्पताल में अफरा-तफरी: लैब के पास गिरी छत की फॉल सीलिंग, टला बड़ा हादसा
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रोहतक। रोहतक के सरकारी अस्पताल में अव्यवस्था और जर्जर होते ढांचे की एक डरावनी तस्वीर आज सुबह सामने आई। अस्पताल के सबसे व्यस्त हिस्से यानी इमरजेंसी और एक्स-रे लैब के पास लगी फॉल सीलिंग अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। गनीमत यह रही कि हादसा सुबह करीब साढ़े सात बजे हुआ, जब ओपीडी पूरी तरह शुरू नहीं हुई थी। मौके पर मौजूद एक सफाई कर्मचारी इसकी चपेट में आने से कतई मामूली फासले से बच गया। शोर सुनकर डॉक्टर और स्टाफ मौके पर पहुंचे, तो वहां धूल और मलबे का अंबार लगा था।

अगर ओपीडी का वक्त होता तो मचती चीख-पुकार

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यह हादसा उस जगह हुआ है जहां सुबह 8 बजे के बाद खून की जांच और एक्स-रे करवाने वाले मरीजों की भारी भीड़ जुटती है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अगर यह सीलिंग महज आधे घंटे बाद गिरी होती, तो नीचे खड़े दर्जनों मरीज और उनके तीमारदार गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। अस्पताल में आए दिन होने वाले इन हादसों ने अब मरीजों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। फर्श पर बिखरे मलबे के साथ छत से लटकती बिजली की तारें और टूटी हुई ट्यूबलाइट्स अभी भी किसी नए खतरे को दावत दे रही हैं।

बार-बार गिर रही छत, क्या गहरी नींद में है प्रशासन?

हैरानी की बात यह है कि रोहतक सिविल अस्पताल में फॉल सीलिंग गिरने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मुख्य गेट के पास छत का हिस्सा गिर चुका है। बार-बार हो रहे इन हादसों के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता और समय-समय पर होने वाले मेंटेनेंस पर कोई ठोस काम होता नजर नहीं आ रहा। पिछली बार रात के समय हादसा होने से बचाव हो गया था और आज सुबह के वक्त ने किसी की जान बचा ली, लेकिन सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?

एसएमओ बोले- होगी जांच, मरीजों को नहीं होने देंगे परेशानी

हादसे की सूचना मिलते ही एसएमओ डॉ. पुष्पेंद्र ने टीम के साथ मौके का जायजा लिया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को मलबा हटाने के निर्देश दिए हैं ताकि मरीजों का रास्ता साफ हो सके। एसएमओ ने मीडिया को बताया कि फॉल सीलिंग अचानक क्यों गिरी, इसकी तकनीकी जांच करवाई जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता यह है कि टेस्ट करवाने आने वाले मरीजों को कोई असुविधा न हो। हालांकि, छत से लटकते मलबे को देखते हुए मरीजों को सलाह दी जा रही है कि वे उस हिस्से से बचकर निकलें।

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