Rohtak News Update: त्योहारी सीजन और आम दिनों में उपभोक्ताओं की थाली तक पहुंचने वाले मिलावटी सामान के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रोहतक जिले के सांपला कस्बे में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। (Rohtak Food Safety Department) मेवात के रास्ते से एक ईको गाड़ी में भरकर लाए जा रहे करीब 240 किलो संदिग्ध पनीर को टीम ने बीच रास्ते दबोच लिया।
जैसे ही विभाग की इस कार्रवाई की भनक कस्बे के अन्य व्यापारियों और दुकानदारों को लगी, तो बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। टीम की मुस्तैदी के चलते मिलावट का यह काला कारोबार करने वालों को भागने का मौका नहीं मिला।
दो दुकानों और गाड़ी से लिए गए तीन सैंपल
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने सांपला की दो अलग-अलग दुकानों और उस संदिग्ध वाहन की गहन जांच की। अधिकारियों ने मौके से पनीर के कुल तीन नमूने (सैंपल) सील किए, जिन्हें अब गुणत्ता की पुष्टि के लिए राज्य की आधिकारिक प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
पकड़े गए इतने बड़े पैमाने पर संदिग्ध पनीर की सेहत पर पड़ने वाले असर को भांपते हुए विभाग ने कोई जोखिम नहीं उठाया। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन मंगवाई गई और उसी की मदद से एक गहरा गड्ढा खुदवाकर पूरे 240 किलो पनीर को जमीन में दबाकर नष्ट कर दिया गया।
अधिकारियों की दो टूक: सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे रोहतक के डेजिग्नेटेड ऑफिसर डॉ. योगेश कादयान, एफएसओ लक्ष्मी नरवाल और झज्जर के एफएसओ डॉ. राजेश वर्मा मौके पर डटे रहे। (Mewat Paneer Supply Raid) कार्रवाई के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. योगेश कादयान ने कड़े शब्दों में कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर अपराध है जो सीधे तौर पर आम आदमी की जिंदगी और सेहत के साथ खिलवाड़ है।
डॉ. कादयान ने चेतावनी दी कि मिलावटी सामान बेचने या सप्लाई करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। लैब से जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग के इस अभियान से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में मिलावटखोरों पर शिकंजा और अधिक कसा जाएगा।

