Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Rohtak Sundarpur Panch election: रोहतक के दो गांवों में 'खौफ' का चुनाव: मौत के डर से पंच बनने को कोई तैयार नहीं, सालों से खाली हैं सीटें

AAmandeep Singh
रोहतक के दो गांवों में 'खौफ' का चुनाव: मौत के डर से पंच बनने को कोई तैयार नहीं, सालों से खाली हैं सीटें
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

रोहतक। रोहतक जिले के गांव सुंदरपुर और इस्माइला 9बी इन दिनों किसी राजनीतिक हलचल की वजह से नहीं, बल्कि एक अजीबोगरीब दहशत के कारण चर्चा में हैं। जब प्रदेश के अन्य हिस्सों में लोग पंचायत चुनाव और उपचुनावों के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, तब इन दो गांवों के दो विशेष वार्डों में सन्नाटा पसरा हुआ है। वजह कोई राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि एक गहरा अंधविश्वास है। ग्रामीणों के मन में यह बात घर कर गई है कि इन सीटों पर पंच का पद संभालना अपनी जान जोखिम में डालने जैसा है।

सुंदरपुर में 10 साल से ‘खाली’ है पंच की कुर्सी

विज्ञापन

हैरानी की बात यह है कि सुंदरपुर गांव के वार्ड नंबर 1 में पिछले एक दशक से लोकतंत्र का पहिया थमा हुआ है। ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में जो लोग यहां से पंच बने, उनके साथ कोई न कोई अनहोनी हुई या उनकी असमय मृत्यु हो गई। इसी तरह के हालात इस्माइला 9बी के वार्ड नंबर 13 में भी बने हुए हैं, जहां पिछले 8 सालों से कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए आगे नहीं आया है। गांव की चौपालों पर चर्चा है कि इन पदों पर बैठना ‘अशुभ’ है, और इसी खौफ ने ग्रामीणों के हाथ बांध दिए हैं।

प्रशासन की चुनौती: अंधविश्वास बनाम जागरूकता

इस अजीबोगरीब स्थिति ने जिला प्रशासन और पंचायत विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा होने के बावजूद, लोगों का स्वेच्छा से पीछे हट जाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के दौर में भी ऐसी भ्रांतियां समाज पर हावी हैं। विभाग ने अब निर्णय लिया है कि इन गांवों में विशेष टीमों को भेजकर ग्रामीणों की काउंसलिंग की जाएगी।

तर्क और विज्ञान से दूर भागते ग्रामीण

अधिकारियों का मानना है कि मौतों के पीछे कोई भी वैज्ञानिक या तार्किक कारण हो सकता है, लेकिन उसे पद से जोड़कर देखना महज एक भ्रम है। प्रशासन अब गांव के प्रबुद्ध लोगों और युवाओं के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएगा ताकि इन वार्डों में भी पंचायती राज व्यवस्था को बहाल किया जा सके। फिलहाल, सुंदरपुर और इस्माइला 9बी के ये वार्ड हरियाणा की सियासत में ‘अंधविश्वास के टापू’ बनकर रह गए हैं, जहां चुनाव लड़ने की हिम्मत जुटाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं माना जा रहा।

विज्ञापन

रोहतक की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।