रोहतक। सांपला नगर पालिका चुनाव के नतीजों ने रोहतक की सियासी जमीन पर नई हलचल पैदा कर दी है। बुधवार को आए परिणामों में भाजपा के प्रवीण कोच ने अध्यक्ष पद की कुर्सी संभालते ही भगवा खेमे में उत्साह भर दिया। सांपला वह इलाका है जिसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का अभेद्य किला माना जाता है, लेकिन प्रवीण कोच ने निर्दलीय उम्मीदवार अंकित ओहल्याण को 687 वोटों के अंतर से शिकस्त देकर इस किले की दीवारें हिला दी हैं। एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी अंकित पुवार की देखरेख में हुई दो राउंड की मतगणना में प्रवीण शुरू से ही मुकाबले में बने रहे और अंततः जीत का परचम लहराया।
विकास और चेहरे पर मिली जीत, निर्दलीयों का भी दबदबा
चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रवीण कोच को कुल 4391 वोट मिले। दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव में सीधी टक्कर भाजपा और निर्दलीयों के बीच ही रही। निर्दलीय प्रत्याशी अंकित ओहल्याण ने 3704 वोटों के साथ कड़ी टक्कर दी, वहीं सुधीर ओहल्याण और अनिल शर्मा क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। 10 मई को हुई वोटिंग के दौरान सांपला के 15 हजार से ज्यादा मतदाताओं में से करीब 12 हजार लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं नगर पालिका के 16 पार्षदों के लिए हुए चुनाव में मिला-जुला परिणाम रहा, जहाँ ज्यादातर वार्डों में स्थानीय निर्दलीय चेहरों ने बाजी मारी।
सियासी मायने: हुड्डा के गढ़ में भाजपा का बढ़ता कद
इस चुनाव को विधानसभा चुनाव के रिहर्सल के तौर पर देखा जा रहा था। चूंकि सांपला नगर पालिका गढ़ी सांपला किलोई विधानसभा का हिस्सा है, जहाँ से खुद भूपेंद्र सिंह हुड्डा विधायक हैं, इसलिए भाजपा ने यहाँ अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन हुड्डा ने चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ तीखा मोर्चा खोला था। सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने प्रवीण कोच की इस जीत को जनता का सरकार की नीतियों पर भरोसा बताया है। वहीं, जीत के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रवीण कोच ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य अब सांपला का चहुंमुखी विकास करना है और वे जनता के इस विश्वास को टूटने नहीं देंगे।

