Sangrur DC Office Protest : संगरूर जिला प्रशासनिक परिसर में आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के आह्वान पर किसानों ने डीसी कार्यालय के तीनों मुख्य द्वारों पर पक्का मोर्चा लगा दिया। प्रांतीय आह्वान के तहत पंजाब के 16 जिलों में डीसी दफ्तरों को घेरने की इस कड़ी में संगरूर में भी सुबह से ही भारी संख्या में किसान जुट गए। कार्यालय के सभी रास्तों के बंद होने से जहां एक ओर सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप नजर आया, वहीं दूर-दराज से अपने जरूरी काम लेकर पहुंचे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
टाइपिस्ट एसोसिएशन का फूटा गुस्सा, बस स्टैंड के बाहर दिया धरना
इस बीच, डीसी कार्यालय परिसर के भीतर अपनी दुकानें चलाने वाले टाइपिस्टों और दुकानदारों का सब्र भी जवाब दे गया। दुकानें और अपने कामकाज के ठिकाने बंद मिलने से नाराज टाइपिस्ट एसोसिएशन ने संगरूर बस स्टैंड के बाहर सड़क पर बैठकर रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसोसिएशन के प्रधान मनी कथूरिया ने कड़े शब्दों में प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन के नाम पर उन्हें उनकी ही दुकानों तक जाने से रोका जा रहा है, जिससे उनका कारोबार चौपट हो गया है और उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो वे इस संघर्ष को और अधिक तीव्र करने के लिए मजबूर होंगे।
किसानों ने आरोपों को बताया निराधार, कहा- प्रशासन रच रहा है साजिश
दूसरी तरफ, प्रदर्शन कर रहे किसान नेता जगतार कालाझाड़ ने दुकानदारों के रोष पर सफाई देते हुए कहा कि किसान पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों ने केवल प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करने के लिए मुख्य रास्तों पर घेराबंदी की है, लेकिन किसी भी दुकानदार को अंदर जाने से नहीं रोका गया है।
किसान नेता ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन जानबूझकर दुकानदारों को रोक रहा है ताकि इसका ठीकरा किसानों के सिर पर फोड़ा जा सके और उनके आंदोलन को बदनाम किया जा सके। उन्होंने ऐलान किया कि किसानों का यह धरना दोपहर तीन बजे तक तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा, जिसके बाद अगली रणनीति का ऐलान किया जाएगा।
प्रशासन हरकत में, ड्यूटी मजिस्ट्रेट करेंगे मध्यस्थता
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। सिटी थाना प्रभारी (एसएचओ) मनप्रीत सिंह ने स्थिति की नजाकत को भांपते हुए बताया कि पूरे घटनाक्रम से ड्यूटी मजिस्ट्रेट को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचेंगे और किसानों तथा टाइपिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे। प्रशासन की कोशिश है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य बनाया जाए ताकि आम जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।
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