School bomb threat: चंडीगढ़ और मोहाली में बुधवार सुबह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। चंडीगढ़ के सेक्टर-41 स्थित शिवालिक स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी मिली। स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। धमकी की सूचना मिलते ही स्कूल परिसर में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है और ईमेल के स्रोत की जांच की जा रही है।
उधर मोहाली में भी कई स्कूलों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई। सेक्टर-71 स्थित पैरागान, शिवालिक स्कूल, विवेक हाई स्कूल और फेज-2 स्थित ज्ञान ज्योति स्कूल को धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की। धमकी की जानकारी सामने आते ही बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए। विद्यार्थियों को एहतियातन घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे सुबह स्कूल पहुंचे बच्चों और अभिभावकों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया।
बच्चों को बसों और अभिभावकों के जरिए भेजा घर, स्कूलों ने जारी किए संदेश
मोहाली के स्कूलों की ओर से अभिभावकों को मैसेज भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि तत्काल सुरक्षा चिंता को देखते हुए स्कूल को बंद किया जा रहा है। जिन विद्यार्थियों को उनके अभिभावक निजी वाहनों से लेने आते हैं, उन्हें स्कूल रिसेप्शन से बच्चों को लेने के लिए कहा गया। वहीं, स्कूल बस से आने-जाने वाले विद्यार्थियों को उनके निर्धारित रूट पर घर भेजने की व्यवस्था की गई। स्कूल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नर्सरी से पहली कक्षा तक के विद्यार्थियों के बस रूट सुबह करीब 11:30 बजे शुरू किए गए, जबकि दूसरी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए बस रूट सुबह 10:30 बजे से शुरू किए गए।
पैरागान स्कूल को मिली ताजा धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस स्कूल परिसरों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि धमकी किस ईमेल आईडी से भेजी गई और इसके पीछे कौन है। इस तरह की स्थिति में स्कूल प्रशासन आमतौर पर किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लेता। धमकी फर्जी होने की पुष्टि होने तक परिसर को खाली रखना और सुरक्षा जांच कराना एहतियाती प्रक्रिया का हिस्सा है।
जांच के बाद फर्जी निकले मामले
चंडीगढ़-मोहाली में स्कूलों को ईमेल के जरिए बम धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ट्राईसिटी के स्कूलों, अस्पतालों, अदालतों और सरकारी इमारतों को इस तरह के ईमेल भेजे जा चुके हैं। कई मामलों में पुलिस और बम निरोधक टीमों ने घंटों तक परिसर की तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। फरवरी 2026 में मोहाली के 16 स्कूलों को बम धमकी वाले ईमेल मिले थे। पुलिस और बम निरोधक दस्तों ने स्कूल परिसरों की जांच की थी और कोई विस्फोटक नहीं मिला था। जांच में पुलिस ने ईमेल के स्रोत को लेकर साइबर एंगल से भी पड़ताल की थी।
सितंबर में भी मोहाली के कोर्ट कॉम्प्लेक्स और छह निजी स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले थे। उस समय भी स्कूलों को खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर की तलाशी ली थी। जांच के बाद गतिविधियां सामान्य कर दी गई थीं। बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों में चुनौती सिर्फ स्कूलों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहती। धमकी मिलने के बाद बच्चों को घर भेजना, पुलिस बल तैनात करना, बम डिस्पोजल और एंटी-सैबोटाज टीमों को लगाना और अभिभावकों को सूचना देना पड़ता है। इससे स्कूलों की पढ़ाई और सामान्य व्यवस्था भी प्रभावित होती है। फिलहाल बुधवार को मिले ताजा ईमेल की जांच जारी है। चंडीगढ़ पुलिस शिवालिक स्कूल में मिली धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुटी है, जबकि मोहाली में संबंधित स्कूल परिसरों की सुरक्षा जांच की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, धमकी को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

