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Personal Loan vs Secured Loan Assets: पर्सनल लोन की क्या जरूरत? संकट के समय आपकी एफडी और गोल्ड दिलाएंगे सबसे सस्ता कर्ज, जानिए तरीका

GGaganpreet Kaur
पर्सनल लोन की क्या जरूरत? संकट के समय आपकी एफडी और गोल्ड दिलाएंगे सबसे सस्ता कर्ज, जानिए तरीका
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जिंदगी की रफ़्तार में वित्तीय अनिश्चितताएं कभी भी दस्तक दे सकती हैं। बीमारी, बच्चों की अचानक बढ़ी हुई फीस, या व्यापार में अचानक आई कोई गिरावट— ऐसे मौकों पर तत्काल नकदी की जरूरत होती है। आज के डिजिटल दौर में बैंक चंद मिनटों में पर्सनल लोन देने के विज्ञापन दिखाते हैं, और लोग जल्दबाजी में इसके जाल में फंस जाते हैं। लेकिन इस सहूलियत के पीछे 12 से 18 फीसदी तक का भारी-भरकम ब्याज छिपा होता है। फाइनेंशियल प्लानर्स का कहना है कि किसी भी बाहरी कर्ज के दलदल में उतरने से पहले अपनी तिजोरी और निवेश पोर्टफोलियो को खंगालना सबसे समझदारी भरा कदम है। आपके पास मौजूद रोजमर्रा के निवेश ही आपको बेहद कम ब्याज पर तुरंत पैसा दिला सकते हैं।

1. असली समस्या क्या है?

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जब भी अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, लोग जल्दबाजी में पर्सनल लोन ले लेते हैं। बैंक इसे बहुत जल्दी दे देते हैं, लेकिन इस पर 12% से 18% तक का बहुत भारी ब्याज चुकाना पड़ता है, जो आगे चलकर जेब पर बोझ बन जाता है।

2. सही और सस्ता समाधान क्या है?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार से महंगा कर्ज लेने के बजाय, अपनी ही मौजूदा संपत्तियों को गिरवी रखकर ‘सिक्योर्ड लोन’ लेना चाहिए। यह पर्सनल लोन से आधा या बहुत कम ब्याज पर मिल जाता है।

3. आपके काम आने वाले 5 आसान रास्ते:

गोल्ड लोन (Gold Loan): घर में रखा सोना बैंक में रखकर सिर्फ 30 मिनट में लोन मिल जाता है। खराब सिबिल स्कोर होने पर भी यह आसानी से मिल जाता है।

एफडी के बदले लोन (Loan Against FD): अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले तोड़ने की गलती न करें। बैंक एफडी की रकम का 80-90% तक लोन दे देते हैं, जिस पर ब्याज दर सिर्फ 1-2% ज्यादा होती है।

पीपीएफ पर लोन (PPF Loan): पीपीएफ खाता खुलने के तीसरे से छठे साल के बीच बेहद सस्ते ब्याज दर पर लोन लिया जा सकता है।

इंश्योरेंस पॉलिसी पर लोन: अपनी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की ‘सरेंडर वैल्यू’ के आधार पर बैंक या बीमा कंपनी से सस्ते में लोन लिया जा सकता है।

म्यूचुअल फंड और शेयर्स: अपने निवेश को डिजिटल तरीके से गिरवी रखकर बैंक से ओवरड्राफ्ट (पैसा) लिया जा सकता है। इससे आपका निवेश बाजार में बना रहता है और उसे बेचने का नुकसान नहीं होता।

4. अंतिम सीख (Takeaway)

मुसीबत के समय घबराकर कोई भी फैसला न लें। सबसे पहले देखें कि आपके पास कौन सा निवेश मौजूद है। अपनी संपत्ति के बदले लोन लेने से आपका मूल निवेश और उसका रिटर्न सुरक्षित रहता है, कागजी कार्रवाई कम होती है और भारी ब्याज की सीधी बचत होती है।

एफडी तोड़ने या म्यूचुअल फंड बेचने की गलती क्यों नहीं करनी चाहिए?

अक्सर लोग घबराहट में अपनी चालू फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले (Premature) तुड़वा लेते हैं। ऐसा करने से बैंक पेनाल्टी वसूलते हैं और आपको मिलने वाला कुल ब्याज काफी घट जाता है। यही बात म्यूचुअल फंड और शेयरों पर भी लागू होती है; मंदी या बाजार के उतार-चढ़ाव के समय इन्हें बेचने से भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है।

इसके विपरीत, यदि आप इन संपत्तियों के बदले लोन (Loan Against Property/Securities) लेते हैं, तो आपका मूल निवेश बाजार में बरकरार रहता है और उस पर मिलने वाला रिटर्न या कंपाउंडिंग का फायदा बंद नहीं होता। आप सिर्फ उस राशि पर ब्याज चुकाते हैं जिसका आपने उपयोग किया है।

एक्सपर्ट टिप: उदाहरण के तौर पर, यदि आपकी एफडी पर आपको 7% का ब्याज मिल रहा है, तो उसके बदले मिलने वाला लोन आपको अमूमन 8% या 9% पर मिल जाएगा। वहीं, एक सामान्य पर्सनल लोन 13% से शुरू होता है। इस तरह आप सीधे-सीधे 4% से 5% तक के ब्याज की बचत कर लेते हैं।

फैसला लेने से पहले एसेट्स का करें सही मूल्यांकन

किसी भी वित्तीय संकट के समय शांत दिमाग से काम लेना जरूरी है। विशेषज्ञों की राय है कि सबसे पहले उस एसेट को चुनना चाहिए जिस पर ब्याज दर सबसे कम लग रही हो, जैसे पीपीएफ या एफडी। इसके बाद गोल्ड लोन का रुख करना चाहिए। इन सुरक्षित ऋणों (Secured Loans) का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोन चुकता होते ही आपकी संपत्ति आपको वापस सुरक्षित मिल जाती है और इस दौरान आपकी मानसिक शांति भी बनी रहती है। अगली बार आपातकाल की स्थिति में सीधे बैंक की ऐप से पर्सनल लोन अप्लाई करने के बजाय अपने निवेश सलाहकारों से इन विकल्पों पर बात करें।

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