Shahabad Farmer Protest: शाहाबाद में फिर किसान आंदोलन की आहट, चढूनी ने किसानों से कही ‘लठ’ लेकर आने की बात
शाहाबाद में फिर किसान आंदोलन की आहट, चढूनी ने किसानों से कही 'लठ' लेकर आने की बात
Shahabad Farmer Protest: हरियाणा के धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र स्थित शाहाबाद में धान खरीद के मुद्दे को लेकर किसान और सरकार एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। मंडियों में धान की सरकारी खरीद सुचारू न होने और पोर्टल वेरिफिकेशन अटकने से नाराज भारतीय किसान यूनियन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। भाकियू प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों से 5 अक्टूबर को शाहाबाद के शहीद ऊधम सिंह स्मारक पर जुटने का आह्वान किया है। इस बार चढूनी ने सीधे तौर पर किसानों से अपने साथ ‘लठ’ लेकर आने को कहा है, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
किसानों के इस आक्रामक तेवर को देखते हुए जीटी रोड और शाहाबाद के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। चढूनी का आरोप है कि प्रदेश भर में करीब 7 लाख एकड़ जमीन का पोर्टल वेरिफिकेशन जानबूझकर अटका कर रखा गया है, ताकि मंडियों में अव्यवस्था फैले और भ्रष्टाचार का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने कहा कि समय पर खरीद न होने से किसान मंडी में अपनी फसल के साथ दर-दर भटकने को मजबूर हैं और कई जगहों पर तो किसान हताशा में खौफनाक कदम उठाने तक को विवश हो रहे हैं।
“किसान आत्महत्या क्यों करे? इस बार मारेंगे तो वापस मारेंगे”
गुरनाम सिंह चढूनी ने अधिकारियों और सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि किसान आत्महत्या करने के लिए पैदा नहीं हुआ है। अगर किसान का हक मारा जा रहा है तो उसे लाचारी में जान देने की बजाय अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मैदान में उतरना होगा। उन्होंने किसानों को ललकारते हुए कहा, “अगर खून में गैरत बाकी है, तो उसी जगह फिर इकट्ठा हों जहां पिछली बार वाटर कैनन की बौछारें झेली थीं। इस बार खाली हाथ नहीं, लठ लेकर आना है। वे मारेंगे तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे।”
उल्लेखनीय है कि धान खरीद में देरी को लेकर बीते 22 सितंबर को भी किसानों ने जीटी रोड जाम करने का प्रयास किया था। उस दौरान पुलिस ने किसानों को हाईवे पर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे तथा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इसके बावजूद किसान शाहाबाद-बराड़ा रोड पर दो दिनों तक पक्का धरना देकर डटे रहे थे, जिसे प्रशासन के आश्वासन के बाद उठाया गया था।
पिछले आंदोलन से सीख: जिस रास्ते से चढ़े थे हाईवे पर, वहां चुन दी दीवार
दो सप्ताह पहले हुए प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर जिस वैकल्पिक रास्ते से जीटी रोड की तरफ रुख किया था, इस बार प्रशासन ने उस रास्ते को पूरी तरह से सील कर दिया है। पुलिस ने उस रास्ते पर ईंटों की पक्की दीवार खड़ी कर दी है, ताकि किसान किसी भी सूरत में राष्ट्रीय राजमार्ग पर न पहुंच सकें।
शाहाबाद और आसपास के सभी संवेदनशील इलाकों में नाकेबंदी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन का साफ कहना है कि किसी को भी कानून-व्यवस्था हाथ में लेने या नेशनल हाईवे जाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल, स्मारक स्थल और जीटी रोड के आसपास का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है और हर आंखें किसानों के इस जमावड़े पर टिकी हुई हैं।
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