Sharad Navratri Day 4: शारदीय नवरात्रि का आज चौथा दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस पावन तिथि पर मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सृष्टि में अंधकार था और चारों तरफ सन्नाटा था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी मंद हंसी से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसीलिए उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति और ब्रह्मांड की स्वरूपा माना गया है। देश भर के देवी मंदिरों में आज सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं और लोग माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
अष्टभुजाधारी मां कूष्मांडा का स्वरूप और उसकी महिमा
मां कूष्मांडा को उनकी आठ भुजाओं के कारण ‘अष्टभुजा देवी’ के नाम से भी जाना जाता है। माता के इन आठ हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल का फूल, शंख, चक्र, गदा और सभी सिद्धियों व निधियों को देने वाली जप माला सुशोभित है। उनका यह अलौकिक स्वरूप भक्तों को शक्ति, साहस और निर्भीकता प्रदान करता है। ज्योतिषविदों का मानना है कि जो भी भक्त सच्चे भाव से मां कूष्मांडा की शरण में आता है, उसके जीवन के सभी कष्ट और रोग-दोष स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
पर्व की उमंग और अपनों को भेजें खास शुभकामना संदेश
त्योहारों के इस उल्लास भरे माहौल में लोग एक-दूसरे को बधाई देना नहीं भूल रहे हैं। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर मां कूष्मांडा की महिमा से जुड़े संदेशों का दौर जारी है। अगर आप भी अपने करीबियों को इस पावन पर्व पर शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो इन चुनिंदा भक्तिमय संदेशों को भेजकर दिन को खास बना सकते हैं:
“सुबह-सुबह लो मां कूष्मांडा का नाम, दूर होंगे रोग, दोष, दुख और पूरे होंगे बिगड़े काम। शारदीय नवरात्रि 2026 की शुभकामनाएं!”
“देवी मां कूष्मांडा हैं निर्भीक और सौम्यता का प्रतीक, माता की कृपा से जीवन में कभी नहीं आते दुख-तकलीफ।”
“हमको था जिसका इंतजार वो घड़ी आ गई, होकर सिंह पर सवार माता रानी आ गई। शारदीय नवरात्रि की पावन शुभकामनाएं!”
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