Shiromani Akali Dal : शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की सियासत में एक बार फिर पैठ मजबूत करने और जनसंपर्क साधने के लिए बड़ा दांव चला है। पार्टी ने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने के उद्देश्य से एक व्यापक राज्यव्यापी यात्रा का ऐलान किया है, जिसका शंखनाद आगामी 10 नवंबर को तलवंडी साबो स्थित पावन स्थल श्री दमदमा साहिब से होगा। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में निकलने वाली यह यात्रा तीन अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी, जिससे सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।
तीन चरणों में तय होगी यात्रा की रूपरेखा
पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यात्रा का पहला चरण 10 से 22 नवंबर तक चलेगा। इसके बाद अगले चरणों की शुरुआत ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से की जाएगी, जिसमें दूसरा चरण श्री आनंदपुर साहिब और तीसरा चरण श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होगा। अकाली दल की कोशिश इस यात्रा के जरिए हर वर्ग और हर कोने तक पहुंचकर सीधे जनता से जुड़ने की है।
घोषणा पत्र को लेकर जनता से लिया जा रहा सीधा फीडबैक
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पार्टी आगामी चुनावों की तैयारियों में पूरी तरह जुट चुकी है। हाल ही में सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति विंग, पिछड़ा वर्ग विंग और यूथ विंग के साथ बैठकों का एक लंबा दौर चला है। डॉ. चीमा के मुताबिक, इन बैठकों में पार्टी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से सीधे फीडबैक लिया है ताकि चुनावी घोषणा पत्र में उन असल मुद्दों को शामिल किया जा सके जो जनता के जीवन से जुड़े हैं। पार्टी की घोषणा पत्र कमेटी की अगली बैठक 24 अक्टूबर को होगी, जिसमें इन तमाम सुझावों पर मुहर लगेगी और आखिरकार 1 नवंबर को पार्टी अपना नया घोषणा पत्र सार्वजनिक कर देगी।
सुखबीर बादल का सरकार पर तीखा हमला
पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी के रिश्तेदार की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इससे मुख्यमंत्री आवास के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार की परतें उधड़ने लगी हैं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि चाहे भगवंत मान हों या उनके शीर्ष नेता अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा उन तक पहुंच रहा है और सबको अपने कृत्यों का हिसाब देना होगा।
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर पारित हुआ प्रस्ताव
बैठक के दौरान नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मुद्दा भी प्रमुखता से छाया रहा। अकाली दल के नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। अकाली दल ने संकल्प लिया है कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कानूनी और राजनीतिक संघर्ष करेंगे। इस बैठक में गुलजार सिंह रणीके, हीरा सिंह गाबड़िया और सरबजीत सिंह झिंझर समेत पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे।

