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Summer Parenting Tips: पेरेंट्स ध्यान दें: गर्मियों में बच्चों को इनरवियर पहनाना फायदेमंद या नुकसानदेह? जानिए एक्सपर्ट की राय

GGaganpreet Kaur
पेरेंट्स ध्यान दें: गर्मियों में बच्चों को इनरवियर पहनाना फायदेमंद या नुकसानदेह? जानिए एक्सपर्ट की राय
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Summer Parenting Tips: भीषण गर्मी के इस दौर में माता-पिता अक्सर इस उलझन में रहते हैं कि बच्चों को शर्ट के नीचे बनियान पहनानी चाहिए या नहीं। कुछ पेरेंट्स इसे पसीना सोखने के लिए जरूरी मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि इससे गर्मी और बढ़ जाती है। बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में सही फैब्रिक और सही तरीके से पहनाई गई बनियान बच्चों को घमौरियों और रैशेज से बचा सकती है।

उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में सूरज की तपिश अपने चरम पर है। ऐसे में छोटे बच्चों की सेहत और उनकी सहूलियत को लेकर माता-पिता की चिंता बढ़ना लाजिमी है। इन दिनों पेरेंट्स के बीच एक बड़ा असमंजस यह रहता है कि क्या इस भीषण गर्मी में भी बच्चों को शर्ट या टी-शर्ट के अंदर इनरवियर यानी बनियान पहनानी चाहिए? कुछ लोगों का तर्क होता है कि एक एक्स्ट्रा लेयर से बच्चे को ज्यादा गर्मी लगेगी, वहीं डॉक्टरों का मानना कुछ अलग है। चाइल्ड केयर एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्मियों में सही तरीके से इनरवियर का चुनाव बच्चों को बीमार होने और स्किन इन्फेक्शन से बचा सकता है।

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पसीना सोखने और रैशेज से बचाने में कारगर है सूती बनियान

बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) के अनुसार, गर्मी के दिनों में बच्चों को हल्की सूती (Cotton) बनियान पहनाना एक बेहतर विकल्प है। बच्चे बड़ों की तुलना में ज्यादा एक्टिव रहते हैं, जिससे उन्हें पसीना भी ज्यादा आता है। अगर बच्चा सीधे शर्ट या टी-शर्ट पहनता है, तो पसीने की वजह से कपड़ा शरीर से चिपक जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है। कॉटन की बनियान इस पसीने को सोख लेती है और बच्चे की नाजुक त्वचा को सूखा रखती है। इसके अलावा, स्कूल जाने वाले बच्चों की यूनिफॉर्म का कपड़ा अक्सर थोड़ा कड़ा होता है; ऐसे में बनियान त्वचा और भारी कपड़े के बीच बैरियर बनकर रैशेज और घमौरियों से सुरक्षा देती है।

कब बनियान पहनाना बन सकता है आफत?

हालांकि, एक्सपर्ट्स ने कुछ स्थितियों में बनियान न पहनाने या तुरंत बदलने की सलाह भी दी है। अगर मौसम में उमस (Humidity) बहुत ज्यादा हो या बच्चा धूप में बाहर खेल रहा हो, तो कपड़ों की एक्स्ट्रा लेयर शरीर के तापमान को बढ़ा सकती है। सबसे बड़ी गलती तब होती है जब पेरेंट्स बच्चों को सिंथेटिक, नायलॉन या बहुत ज्यादा टाइट इनरवियर पहना देते हैं। ऐसा करने से शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है और उसकी पीठ व छाती पर लाल दाने निकल आते हैं।

पेरेंट्स इन बातों का रखें खास ख्याल

गर्मियों में बच्चों को आरामदायक रखने के लिए हमेशा ढीली-ढाली और 100% प्योर कॉटन की सफेद बनियान ही चुनें। सफेद या हल्के रंग गर्मी को सोखते नहीं हैं, जिससे शरीर ठंडा रहता है। अगर बच्चा घर के अंदर कूलर या एसी की हवा में है, तो उसे सिर्फ एक ढीली टी-शर्ट या शॉर्ट्स पहनाकर भी रखा जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि हर बच्चे का शरीर अलग तरह से रिएक्ट करता है। अगर आपका बच्चा बनियान पहनने के बाद बार-बार उसे खींच रहा है, खुजली कर रहा है या असहज दिख रहा है, तो तुरंत उसके कपड़े बदलें। इस मौसम में बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं जिनमें हवा का वेंटिलेशन सही तरीके से बना रहे।

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