SKAU New Campus: कुरुक्षेत्र में 92 एकड़ में बनेगा श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी का नया कैंपस, 434 करोड़ से निर्माण शुरू
कुरुक्षेत्र में 92 एकड़ में बनेगा श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी का नया कैंपस
SKAU New Campus: यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, पहले फेज के निर्माण कार्यों के लिए 527 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा गया था, लेकिन प्रतिस्पर्धी टेंडर प्रक्रिया के तहत एक निर्माण एजेंसी ने इसे 434 करोड़ रुपये में पूरा करने का जिम्मा लिया है।
कुलपति प्रोफेसर (वैद्य) करतार सिंह धीमान ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पहले चरण में यूनिवर्सिटी का तीन मंजिला अत्याधुनिक प्रशासनिक ब्लॉक, पोस्ट ग्रेजुएट आयुर्वेद कॉलेज, सेंट्रल लाइब्रेरी, परीक्षा शाखा और 250 बेड की क्षमता वाला सुपर-स्पेशलिटी आयुर्वेद अस्पताल तैयार किया जाएगा। इस अस्पताल को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों और प्राचीन आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के समन्वय से विकसित किया जाएगा, जहां मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिलेगा।
एक ही छत के नीचे मिलेंगे आयुष के 5ों पैथी, दूसरे व तीसरे चरण का रोडमैप तैयार
फतुहपुर में बन रहा नया कैंपस केवल आयुर्वेद तक सीमित नहीं रहेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे आयुष की सभी पांचों धाराओं—आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी), यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी का एक एकीकृत केंद्र बनाने का खाका खींचा है।
दूसरे और तीसरे चरण में इन सभी पांचों पैथियों के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थान, एडवांस रिसर्च विंग और स्पेशलाइज्ड क्लिनिक्स स्थापित किए जाएंगे। जब तक इन अलग-अलग पैथियों के स्वतंत्र भवन बनकर तैयार नहीं हो जाते, तब तक इनकी ओपीडी (OPD) और आईपीडी (IPD) सेवाओं को पहले फेज में बनने वाले 250 बेड के आयुर्वेद अस्पताल में ही शुरू किया जाएगा।
पुराना कैंपस भी रहेगा चालू, यूजी और डिप्लोमा की पढ़ाई जारी रहेगी
अक्सर नए कैंपस के बनने पर पुराने परिसर को बंद किए जाने की आशंकाएं जताई जाती हैं, लेकिन कुलपति प्रो. धीमान ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान कैंपस की सेवाएं पूरी तरह बहाल रहेंगी।
मौजूदा परिसर में आयुर्वेद के स्नातक (UG) और डिप्लोमा स्तर के कोर्स सुचारू रूप से चलते रहेंगे और वर्तमान अस्पताल में भी मरीजों का इलाज जारी रहेगा। फतुहपुर का नया 92 एकड़ का परिसर मुख्य रूप से स्नातकोत्तर (PG) शिक्षा, पीएचडी, उच्चस्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान (Research) और आयुष की बहु-विषयक विशेषज्ञताओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’: 2019 में रखी गई थी आधारशिला
श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी भारत के पारंपरिक चिकित्सा तंत्र को आधुनिक वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। 25 सितंबर 2017 को स्थापित इस यूनिवर्सिटी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन माना जाता है। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने 12 फरवरी 2019 को कुरुक्षेत्र दौरे के दौरान इस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी थी। अब 2026 में निर्माण कार्य की वास्तविक शुरुआत होने से हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश से आने वाले शोधार्थियों और मरीजों को भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का एक नया और आधुनिक प्लेटफॉर्म मिलने जा रहा है।
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