Stock Market Today: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन दिन बढ़ने के साथ बाजार की चाल पलट गई। बिजली, बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया। नतीजतन, शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त दर्ज करने वाला बाजार दिन के अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के शुरुआती दौर में सेंसेक्स में तेजी देखने को मिली थी और यह एक समय 829.29 अंक चढ़कर 74,682.19 अंक के उच्चस्तर तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में बिकवाली बढ़ने से सूचकांक अपनी पूरी बढ़त गंवा बैठा। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 73,229.45 अंक के निचले स्तर तक भी पहुंचा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी गिरावट के साथ बंद हुआ। 50 शेयरों वाला निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 22,811.35 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,120.90 अंक के उच्चस्तर तक पहुंचा था, लेकिन बाद में यह फिसलकर 22,702.85 अंक के निचले स्तर तक आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट से संकेत मिला कि शुरुआती तेजी के बावजूद निवेशक ऊंचे स्तरों पर सतर्क रहे और कई क्षेत्रों में मुनाफावसूली देखने को मिली। बाजार में कमजोरी का एक प्रमुख कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत चढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। भारत जैसे देश के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात बिल, परिवहन लागत और कंपनियों के उत्पादन खर्च पर दबाव बढ़ सकता है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो महंगाई और कंपनियों के लाभ मार्जिन को लेकर चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।
बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और SBI समेत कई शेयरों में बिकवाली
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बुधवार को कई प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस, इटर्नल, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, NTPC, मारुति सुजुकी इंडिया, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टाइटन और भारतीय स्टेट बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में कमजोरी ने बाजार के समग्र प्रदर्शन को प्रभावित किया। धातु और वाहन क्षेत्र में भी मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर, कुछ प्रमुख शेयर गिरावट के बीच भी बढ़त दर्ज करने में सफल रहे। HCL टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे IT शेयर लाभ में रहे। इनके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ITC, ICICI बैंक और सन फार्मास्युटिकल्स के शेयरों में भी तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन बाजार की व्यापक कमजोरी के बीच निवेशकों के लिए एक सकारात्मक पहलू रहा।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती अच्छी बढ़त गंवा दी। उनके मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर बनी उम्मीदों के सकारात्मक असर को पीछे छोड़ दिया। नायर ने कहा कि महंगाई और कंपनियों के लाभ मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंताओं के कारण वाहन, वित्तीय, धातु और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मुनाफावसूली हुई। इसके विपरीत, बेहतर आय परिदृश्य और क्षेत्र में निवेशकों की दोबारा बढ़ती रुचि के कारण IT शेयर अपेक्षाकृत मजबूत रहे। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजे और घरेलू संस्थागत निवेशकों का निवेश बाजार को सहारा दे रहे हैं। हालांकि, व्यापक बाजार में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत देती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को पहले दिन करीब तीन गुना सब्सक्रिप्शन
बाजार में गिरावट के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को पहले दिन करीब तीन गुना अभिदान मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, IPO खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर ही उसे पूरा अभिदान मिल गया था। यह निर्गम अपने आकार के कारण भी निवेशकों के बीच चर्चा में रहा। हालांकि, IPO को मिले अभिदान और शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों के प्रदर्शन को अलग-अलग समझना जरूरी है, क्योंकि दोनों पर निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की परिस्थितियों का असर अलग हो सकता है। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के आंकड़ों में भी अलग-अलग रुझान देखने को मिला। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,148.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इसी दिन 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता निवेशकों की धारणा पर असर डाल रही है।
एशियाई बाजारों में बुधवार को मिला-जुला कारोबार रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट गिरावट में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान तेजी का रुख था। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। घरेलू बाजार के पिछले सत्र के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को सेंसेक्स 876.37 अंक टूटकर 73,852.90 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 257.20 अंक गिरकर 22,888.95 पर रहा था। मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर शेयर बाजार बंद थे। बुधवार की गिरावट के साथ बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी दर्ज हुई। आगे बाजार की दिशा पर कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर देखने को मिल सकता है।

