Student press conference: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के सामने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। press conference के दौरान छात्रों ने दावा किया कि प्रदर्शन के बाद उन्हें बसों में भरकर थाने ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। कुछ छात्रों ने डंडे मारने, बाल खींचने, गला दबाने और धमकी देने के आरोप भी लगाए। छात्रों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि हिरासत के दौरान उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। छात्रा आदिरा ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस स्टेशन के बेसमेंट में ले जाकर सात-आठ लोगों ने पीटा। वहीं, अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिसकर्मियों पर लात-घूंसे और थप्पड़ मारने तथा मोबाइल फोन छीनने के आरोप लगाए।
Rahul Gandhi ने छात्रों की बातें सुनीं और उनसे कहा कि उनके पास घटना से जुड़े वीडियो या अन्य सबूत हैं तो उन्हें साझा करें। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई की मांग की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की कोशिश होगी। छात्रों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दिल्ली पुलिस का जवाब सामने आना बाकी है।
छात्रा का आरोप- पुलिस ने कहा, दिल्ली पुलिस तुम्हारी पापा है
press conference में अपनी बात रखते हुए एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। छात्रा के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि दिल्ली पुलिस उनकी ‘पापा’ है। राहुल गांधी ने जब उनसे पूछा कि क्या उन्हें डर लगा था, तो छात्रा ने जवाब दिया कि शुरुआत में वह डरी हुई थीं, लेकिन अब उन्हें डर नहीं लग रहा। छात्रा के इस बयान के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिरासत के दौरान हुए कथित व्यवहार पर चर्चा हुई। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें केवल हिरासत में ही नहीं लिया, बल्कि थाने में भी उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
छात्रा आदिरा ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेने के बाद उन्हें बस में बैठाकर कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उन्होंने बताया कि वहां चंचल यादव भी मौजूद थीं। आदिरा का आरोप है कि इसके बाद उन्हें थाने के बेसमेंट में ले जाया गया, जहां सात से आठ लोगों ने मिलकर उनकी पिटाई की। आदिरा ने दावा किया कि उन्हें दोनों तरफ से कई डंडे मारे गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस जगह उनके साथ मारपीट हुई, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था। उनके मुताबिक, वहां तीन से चार पुलिसकर्मी मौजूद थे और उन्होंने लगातार उनके साथ मारपीट की। छात्रा ने आरोप लगाया कि उनके पेट के निचले हिस्से में लात मारी गई। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया है, फिर भी पिटाई जारी रही। आदिरा के मुताबिक, मारपीट के दौरान पुलिसकर्मी हंस रहे थे। ये सभी आरोप छात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रमित का आरोप- डंडों से पीटा और फोन छीन लिया
प्रदर्शनकारी रमित ने खुद को कंटेंट क्रिएटर बताते हुए आरोप लगाया कि 11 अक्टूबर को हुई घटना के दौरान पुलिस ने उनकी बात सुने बिना कार्रवाई की। उनके मुताबिक, उन्होंने आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों की बातें सुनी थीं, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। रमित ने दावा किया कि कुछ लोगों के पास डंडे थे और पुलिस ने उनकी बात सुनने के बाद प्रदर्शनकारियों को पकड़ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें बुरी तरह पीटा और उनका फोन भी छीन लिया। रमित ने यह भी कहा कि मौके पर महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थीं।
प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र ने भी हिरासत के दौरान मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें लात-घूंसे और थप्पड़ मारे गए। धर्मेंद्र के मुताबिक, एक पुलिसकर्मी ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि उनके साथ कितने भी नेता आ जाएं, उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा। धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन पर पैसे लेकर प्रदर्शन करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें डर लग रहा था, लेकिन अब वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
press conference में एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि थाने में पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछा कि Rahul Gandhi कहां गए। छात्रा के मुताबिक, उनसे कहा गया, ‘बता, तेरा नेता Rahul Gandhi अब कहां गया।’ उन्होंने पैरों पर डंडे मारने और तंज कसते हुए ‘बता, बनाऊं तुझे नेता’ कहे जाने का भी आरोप लगाया। छात्रा ने बताया कि उन्होंने जवाब में कहा कि अगली बार प्रदर्शन में फिर मिलेंगे। उन्होंने अपने संघर्ष को कुरुक्षेत्र के युद्ध से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें इसे जीतना होगा। छात्रों के इन बयानों में हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार और राजनीतिक तंज कसने के आरोप सामने आए हैं।
Rahul Gandhi बोले- वीडियो बनाइए, सबूत भेजिए
Rahul Gandhi ने छात्रों से कहा कि वे अपने साथ हुई घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत साझा करें। उन्होंने कहा कि जब मामला आगे बढ़ेगा, तब इन सबूतों का इस्तेमाल किया जाएगा और दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से लेकर संबंधित कांस्टेबल तक का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। फिलहाल press conference में छात्रों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। घटना की निष्पक्ष तस्वीर सामने आने के लिए छात्रों के दावों, उपलब्ध सबूतों और पुलिस के पक्ष की जांच जरूरी होगी। SIR के विरोध में INDIA ब्लॉक की बैठक; राहुल गांधी के घर चाय पर जुटे विपक्षी नेता, 7 दिन में किए 5 प्रदर्शन

