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Hanuman Ansh Sunil Lodhi: ट्रेन में कटोरा लेकर गाते थे भजन, आज बॉलीवुड में मची धूम! जानिए दृष्टिबाधित सुनील लोधी के संघर्ष की कहानी

Hanuman Ansh Sunil Lodhi: ट्रेन में कटोरा लेकर गाते थे भजन, आज बॉलीवुड में मची धूम! जानिए दृष्टिबाधित सुनील लोधी के संघर्ष की कहानी

ट्रेन में कटोरा लेकर गाते थे भजन, आज बॉलीवुड में मची धूम! जानिए दृष्टिबाधित सुनील लोधी के संघर्ष की कहानी

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AAmandeep Singh

Hanuman Ansh Sunil Lodhi: कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों और कला में सच्चा समर्पण हो, तो ईश्वर भी किस्मत के दरवाजे खोलने से खुद को नहीं रोक पाता। यह मशहूर कहावत मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के रहने वाले जन्मजात दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी पर पूरी तरह सटीक बैठती है।

एक समय था जब सुनील अपना और परिवार का पेट पालने के लिए चलती ट्रेनों में हाथ में कटोरा और तमूरा (पारंपरिक वाद्य यंत्र) लेकर भजन गाया करते थे। लेकिन आज उनकी भक्ति से सराबोर आवाज पूरे देश के दिलों पर राज कर रही है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गाए उनके भजन ने उन्हें रातों-रात बॉलीवुड के सुपरहिट सिंगर्स की कतार में ला खड़ा किया है।

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सागर के छोटे से गांव से ट्रेनों के डिब्बों तक का दर्दभरा सफर

सुनील लोधी मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक छोटे से गुमनाम गांव के रहने वाले हैं। जन्म से ही आंखों की रोशनी न होने और परिवार की बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे कभी स्कूल की चौखट नहीं लांघ सके। हालांकि, कुदरत ने उन्हें पढ़ाई भले न दी हो, लेकिन गले में मां सरस्वती की अद्भुत कृपा बख्शी थी।

बचपन से ही सुनील हाथों में तमूरा थामकर बुंदेली लोकगीत और हनुमान जी के भजन गुनगुनाने लगे थे। जब घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया, तो अपनी जीविका चलाने के लिए वे लोकल ट्रेनों के डिब्बों में जाने लगे। ट्रेन में यात्रियों के सामने ‘मेरे संकट के कटैया हनुमान’ और अन्य धार्मिक भजन गाकर जो कुछ सिक्के मिलते, उसी से उनके परिवार का चूल्हा जलता था।

एक यूट्यूब वीडियो ने रातों-रात बदला जीवन का रुख

सुनील की जिंदगी में असली मोड़ साल 2019 के आसपास आया, जब एक स्थानीय संगीत प्रेमी और यूट्यूबर की नजर उनके हुनर पर पड़ी। उन्होंने सुनील की सुरीली और निश्छल आवाज में “मोरे संकट के कटैया हनुमान” भजन को रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

बिना किसी भारी-भरकम म्यूजिक सिस्टम के गाया गया यह सरल लेकिन दिल को छू लेने वाला भजन इंटरनेट पर ऐसा वायरल हुआ कि इसे करोड़ों व्यूज मिल गए। इंस्टाग्राम पर इस पर लाखों रील्स बनने लगीं और ट्रेन में गाने वाले सुनील अचानक पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए।

ऐसे खुला बॉलीवुड का दरवाजा, फिल्म ‘हनुमान अंश’ से मिली नई पहचान

सुनील का वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई के जाने-माने संगीत निर्माता पंकज वीआरके (Pankaj VRK) ने उन्हें मुंबई स्टूडियो बुलाया। वहां सुनील ने अपने पारंपरिक अंदाज में कई भजन रिकॉर्ड किए। उसी दौरान नीम करोली बाबा के जीवन और हनुमान भक्ति पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ बना रहे निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने सुनील की आवाज सुनी।

निदेशक सुनील के भावपूर्ण गायन से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उनके भजन “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई” को सीधे अपनी फिल्म में शामिल कर लिया। अगस्त 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली इस फिल्म को दर्शकों का भारी प्यार मिला और सुनील की आवाज में गाया गया गाना फिल्म का सबसे बड़ा हाईलाइट बन गया।

आज आलम यह है कि लोग सुनील लोधी के पुराने भजनों को भी इंटरनेट पर खोज-खोजकर सुन रहे हैं। ट्रेन के डिब्बों से बॉलीवुड की ऊंचाइयों तक पहुंचा सुनील का यह सफर केवल एक सिंगर की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह अटूट आस्था, निरंतर संघर्ष और कभी हार न मानने वाले जज्बे की जीती-जागती मिसाल है।

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