Suntec City Money Laundering Case : पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अनुराग वर्मा की मुश्किलें मोहाली के चर्चित सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स घोटाले में लगातार बढ़ती जा रही हैं। जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जोनल दफ्तर में आज पेश न होने के बाद जांच एजेंसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें नया समन जारी किया है। ईडी ने अब उन्हें 9 सितंबर को पूछताछ के लिए हाजिर होने का अंतिम आदेश दिया है।
हाउसिंग विभाग में तैनाती के दौरान लगे गंभीर आरोप
प्रवर्तन निदेशालय मोहाली के सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े प्रोजेक्ट्स में हुई भारी वित्तीय अनियमितताओं, अवैध नक्शा पास करने और नियमों के उल्लंघन की गहराई से जांच कर रहा है। ईडी की जांच का मुख्य फोकस उस समयावधि पर है जब अनुराग वर्मा पंजाब के हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट विभाग के प्रमुख पद पर तैनात थे।
जांच एजेंसी इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या पद का फायदा उठाकर बिल्डरों को गैर-वाजिब राहत दी गई या मास्टर प्लान के नियमों को दरकिनार कर स्वीकृतियां बांटी गईं।
31 अगस्त के बाद आज दूसरी बार टली पेशी
यह कोई पहला मौका नहीं है जब आईएएस अधिकारी को ईडी ने तलब किया हो। इससे पहले 31 अगस्त को भी उन्हें समन भेजकर बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने आधिकारिक दस्तावेजों को जुटाने और रिकॉर्ड खंगालने का हवाला देकर अतिरिक्त समय मांगा था।
अनुराग वर्मा की अर्जी पर ईडी ने उन्हें आज (7 सितंबर) की तारीख दी थी। हालांकि, आज भी उनके न पहुंचने पर ईडी ने 9 सितंबर की नई तारीख मुकर्रर कर दी है।
प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप, कई बड़े अधिकारी रडार पर
इस हाई-प्रोफाइल केस में केवल अनुराग वर्मा ही जांच के घेरे में नहीं हैं, बल्कि पंजाब कैडर के कई अन्य वरिष्ठ नौकरशाह भी ईडी के रडार पर चढ़े हुए हैं। इसी मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से 18 अगस्त को जालंधर ऑफिस में लंबी पूछताछ हो चुकी है और उन्हें 27 अगस्त को दोबारा समन भेजा गया था।
अधिकारियों पर कसते शिकंजे को देखकर पंजाब के प्रशासनिक हलकों में भारी खलबली मच गई है। अब सभी की निगाहें 9 सितंबर पर टिकी हैं कि क्या अनुराग वर्मा ईडी के सवालों का सामना करने जालंधर पहुंचते हैं या नहीं।

