Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Surajkund Mela Accident: सूरजकुंड झूला हादसा: SIT ने चौथे आरोपी शुभम गुप्ता को दबोचा, सुरक्षा मानकों की उड़ी थी धज्जियां

AAmandeep Singh
सूरजकुंड झूला हादसा: SIT ने चौथे आरोपी शुभम गुप्ता को दबोचा, सुरक्षा मानकों की उड़ी थी धज्जियां
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

फरीदाबाद। फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेले में बीते 7 फरवरी को हुए उस खौफनाक मंजर को लोग अब तक नहीं भूले हैं, जब एक हंसता-खेलता परिवार ‘सुनामी झूले’ के टूटने से मौत के साये में आ गया था। इस हादसे की परतें खोल रही एसआईटी (SIT) ने अब मुख्य कड़ी को शिकंजे में ले लिया है। पुलिस ने झूले के असल मालिक, मेरठ निवासी शुभम गुप्ता को सोमवार को दबोच लिया। शुभम इस हाई-प्रोफाइल केस में चौथा आरोपी है। इससे पहले पुलिस झूला एजेंसी के संचालक मोहम्मद शाकिर, मैनेजर नितेश और ऑपरेटर अदनान को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

40 लाख का झूला, लेकिन सुरक्षा के नाम पर ‘शून्य’

विज्ञापन

जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले और डराने वाले भी हैं। आरोपी शुभम गुप्ता ने यह झूला खतौली के रहीस खान से करीब 40 लाख रुपये में तैयार करवाया था। विडंबना देखिए कि लाखों रुपये की मशीनरी को सार्वजनिक उपयोग के लिए उतार तो दिया गया, लेकिन इसके पास न तो कोई ‘कन्स्ट्रक्शन सर्टिफिकेट’ था और न ही कोई ‘फिटनेस प्रमाण पत्र’। एसआईटी की जांच में साफ हुआ है कि सुरक्षा जांच (Safety Audit) और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जैसी अनिवार्य कागजी औपचारिकताओं को ताक पर रखकर इसे मेले में लगाया गया था।

मुनाफे का ‘खूनी’ गणित: 60-40 का था खेल

एसआईटी की तफ्तीश में पैसों के लेन-देन का भी बड़ा खुलासा हुआ है। पर्यटन विभाग से मेले का टेंडर हासिल करने वाले मोहम्मद शाकिर ने शुभम के मैनेजर नितेश के जरिए इस झूले को मेले के ग्राउंड में एंट्री दिलाई थी। इनके बीच एक लिखित समझौता हुआ था कि टिकटों की बिक्री से होने वाली मोटी कमाई को 60 और 40 फीसदी के अनुपात में बांटा जाएगा। चंद रुपयों के लालच में न केवल नियमों को कुचला गया, बल्कि उन मासूम जिंदगियों की भी परवाह नहीं की गई जो इस झूले पर सवार थे।

पुलिस निरीक्षक की मौत और अधूरी जांच

बता दें कि इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिस निरीक्षक जगदीश प्रसाद की जान चली गई थी, जबकि 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। सूरजकुंड थाना पुलिस ने इस मामले में पहले ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। शुभम गुप्ता को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अंडरग्राउंड चल रहा था। अब शुभम से होने वाली पूछताछ के आधार पर पुलिस ‘सप्लीमेंट्री चार्जशीट’ (पूरक आरोप पत्र) दाखिल करेगी, जिससे इस भ्रष्टाचार और लापरवाही के गठजोड़ के कई और चेहरों का बेनकाब होना तय है।

विज्ञापन

फरीदाबाद की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।