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Taj Mahal Agra Petha History: आगरा के पेठे का शाही इतिहास: ताजमहल के मजदूरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए हुआ था इस मिठाई का आविष्कार

GGaganpreet Kaur
आगरा के पेठे का शाही इतिहास: ताजमहल के मजदूरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए हुआ था इस मिठाई का आविष्कार
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 Taj Mahal Agra Petha History: ताजमहल की खूबसूरती के किस्से तो आपने हजारों बार सुने होंगे। सफेद संगमरमर की इस नायाब इमारत को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं। शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में 1632 में इसका काम शुरू करवाया था और पूरे 22 साल बाद यानी 1653 में यह पूरी तरह बनकर तैयार हुआ। लेकिन क्या आपको पता है कि ताज को बनाने वाले 20 हजार मजदूरों के पसीने और आगरा के मशहूर रसीले पेठे का आपस में बहुत गहरा और पुराना कनैक्शन है?

जब आगरा की गर्मी ने छुड़ाए 20 हजार मजदूरों के छक्के

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इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि ताजमहल को बनाने में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि फारस, तुर्की और मध्य एशिया के टॉप क्लास के कारीगर और मजदूर दिन-रात जुटे थे। संगमरमर पर बारीक नक्काशी और कीमती पत्थरों को जड़ने का काम बहुत थका देने वाला था। ऊपर से आफत ये कि गर्मियों में आगरा का तापमान आज की तरह ही आसमान छूने लगता था। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के कारण हर साल सैकड़ों मजदूर बीमार पड़ने लगे। कमजोरी की वजह से काम की रफ्तार बिल्कुल सुस्त पड़ गई, जिसने शाहजहां की टेंशन बहुत ज्यादा बढ़ा दी।

शाहजहां का ‘शाही ऑर्डर’ और रसोइयों का कमाल

अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को रुकता देख शाहजहां ने तुरंत अपने शाही खानसामों (रसोइयों) को एक कड़ा हुक्म सुनाया। बादशाह ने कहा कि कोई ऐसी खाने की चीज तैयार करो जो खाने में मीठी और मजेदार हो, खाते ही तुरंत ताकत दे और जिसकी तासीर एकदम ठंडी हो। वरिष्ठ इतिहासकार राजकिशोर बताते हैं कि इस शाही ऑर्डर के बाद रसोइयों ने बहुत दिमाग लगाया और पेठे के फल (ऐश गार्ड) से एक नई मिठाई तैयार कर दी, जिसे आज हम और आप ‘आगरा का पेठा’ कहते हैं।

ऐसे काम आया यह 100% नेचुरल ‘एनर्जी बूस्टर’

देखा जाए तो पेठे में भरपूर मात्रा में नेचुरल ग्लूकोज और पानी होता है। इसकी ठंडी तासीर ने कमाल कर दिया और भीषण गर्मी में भी यह मजदूरों के शरीर को डिहाइड्रेट (पानी की कमी) होने से बचाने लगा। इसे खाते ही मजदूरों को इंस्टेंट एनर्जी मिलती थी और वे फिर से काम में जुट जाते थे। बिना महंगे काजू-बादाम के बनने वाली यह बेहद सस्ती और सेहतमंद मिठाई आज पूरी दुनिया में आगरा की पहचान बन चुकी है। आज अकेले आगरा में अंगूरी, केसर और पान पेठे जैसी करीब 56 वैरायटी मिलती हैं, जिसे चखने के लिए दुनिया भर के लोग बेताब रहते हैं।

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