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NH-44 Road Accident: तरावड़ी हाईवे पर मातम: दो मजदूरों ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, होशियारपुर मजदूरी करने जा रहे थे 20 साथी

GGaganpreet Kaur
तरावड़ी हाईवे पर मातम: दो मजदूरों ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, होशियारपुर मजदूरी करने जा रहे थे 20 साथी
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करनाल। नेशनल हाईवे-44 पर तरावड़ी टी-पॉइंट के पास रविवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी सुरेश (38) और मिजाज (36) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, दो अन्य मजदूरों—दीपक और सांध्य की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।

रफ्तार और अचानक ब्रेक का जानलेवा संगम

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हादसे का शिकार हुए बृजेश ने अस्पताल के बेड पर सिसकते हुए उस खौफनाक मंजर की कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि करीब 20 मजदूर एक टेंपो में सवार होकर मजदूरी के लिए होशियारपुर (पंजाब) की ओर जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे, जब ठंडी हवाओं के बीच अधिकतर मजदूर नींद के आगोश में थे, तभी उनके आगे चल रहे एक ट्रक चालक ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए।

टेंपो की रफ्तार तेज होने के कारण चालक खुद को संभाल नहीं पाया और गाड़ी सीधे ट्रक के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। चीख-पुकार के बीच घायलों को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां देर रात सुरेश और मिजाज की सांसों की डोर टूट गई।

पीछे छूट गए छह मासूम और बिलखता परिवार

सुरेश के बेटे बृजेश ने बताया कि उनके पिता ही घर की मुख्य रीढ़ थे। परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। दूसरी ओर, मिजाज की मौत ने उनके छह बच्चों को अनाथ कर दिया है। बदायूं के इन दो पड़ोसी घरों में अब मजदूरी की दिहाड़ी के बजाय सिर्फ सिसकियां और मातम का शोर है।

पुलिस की कार्रवाई: फरार ट्रक चालक की तलाश जारी

हादसे के बाद हाईवे पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। तरावड़ी थाना के जांच अधिकारी हरविश ने बताया कि पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, ट्रक चालक मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। अधिकारी ने कहा, “हमने ट्रक नंबर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।” हाईवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर ओवरलोडेड वाहनों में मजदूरों को ढोने की मजबूरी और तेज रफ्तार के खतरों पर सवालिया निशान लगा दिया है। फिलहाल, पीजीआई में भर्ती दो घायलों के लिए दुआओं का दौर जारी है।

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