Tarn Taran BSF China Made Pistol Recovery : तरनतारन सरहद पर BSF ने गांव दौदे से मेड इन चाइना पिस्टल और कारतूस बरामद किया
तरनतारन सरहद पर BSF ने गांव दौदे से मेड इन चाइना पिस्टल और कारतूस बरामद किया
Tarn Taran BSF China Made Pistol Recovery : तरनतारन जिले के सरहदी क्षेत्र पट्टी में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीएसएफ की 115 बटालियन और थाना खालड़ा की पुलिस टीम ने साझा कार्रवाई करते हुए गांव दौदे के पास से चीन में बनी 30 बोर की एक पिस्तौल, खाली मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में हथियार भेजने की इस कोशिश को सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने नाकाम कर दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए थाना खालड़ा के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह ने बताया कि बीएसएफ की बाबा पीर पोस्ट की 115 बटालियन के कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर मोहन लाल की टीम बीती देर रात गांव दौदे के सीमावर्ती खेतों में गश्त पर थी। गश्त के दौरान जवानों की नजर खेतों में पड़े एक संदिग्ध पैकेट पर पड़ी, जिस पर पीले रंग की टेप लिपटी हुई थी।
पीले रंग के संदिग्ध पैकेट से निकला चीनी हथियार
सुरक्षा बलों ने जब सतर्कता बरतते हुए उस पैकेट को खोलकर जांच की, तो उसमें से मेड इन चाइना 30 बोर की पिस्तौल, एक खाली मैगजीन और कारतूस बरामद हुए। बीएसएफ अधिकारियों ने प्राथमिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बरामद किए गए सभी हथियारों और कारतूसों को तुरंत थाना खालड़ा पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी तस्करों द्वारा अक्सर सीमा पार से ड्रोन या अन्य माध्यमों से नशे और हथियारों की खेप इस तरह के पीले टेप वाले पैकेट में गिराई जाती है। इस बरामदगी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीमा पार बैठे देश विरोधी तत्व पंजाब का माहौल खराब करने की फिराक में हैं।
थाना खालड़ा में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
खालड़ा थाने के मुख्य अधिकारी दिलबाग सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला संख्या 263, असला एक्ट (आर्म्स एक्ट) की धारा 25/54/59 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि सीमा पार से आई हथियारों की यह खेप पंजाब में किस स्थानीय तस्कर या गिरोह को डिलीवर की जानी थी।
एसआई दिलबाग सिंह ने कहा कि यह खेप पाकिस्तान से किसी अज्ञात तस्कर द्वारा भारतीय सीमा में भिजवाई गई थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कॉल डिटेल और इलाके की संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े स्थानीय सहयोगियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
