Tarn Taran News: पंजाब के तरनतारन जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे खालड़ा क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ BSF और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की है। गांव बासरके पुल ड्रेन के पास की गई इस कार्रवाई में 500 ग्राम अफीम बरामद की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों ने मौके से एक बोलेरो गाड़ी और मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं। कार्रवाई के बाद BSF ने गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना खालड़ा पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं। उनकी पहचान अमरजीत सिंह निवासी गांव सुलहानी, कुलदीप सिंह निवासी गांव सुनेर और जगवीर सिंह निवासी गांव बुईया के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अफीम कहां से लेकर आए थे और इसे कहां पहुंचाया जाना था। मामले में बरामद मोबाइल फोन और वाहन की भी जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। थाना खालड़ा के एएसआई सुखविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद अफीम की सप्लाई के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
BSF की सूचना पर हुई कार्रवाई, बोलेरो और मोबाइल फोन भी कब्जे में
एएसआई सुखविंदर सिंह के मुताबिक, BSF की 142वीं बटालियन के BOP वां के कंपनी कमांडर राजेश कुमार यादव की ओर से पुलिस को कार्रवाई के संबंध में सूचना दी गई थी। सूचना के अनुसार, गांव बासरके पुल ड्रेन के पास BSF और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरोपियों को पकड़ा और उनके कब्जे से अफीम सहित अन्य सामान बरामद किया। कार्रवाई में बोलेरो गाड़ी नंबर PB-03-F-0047 को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में मोबाइल फोन का विवरण तीन मोबाइल फोन प्रो, एक आईफोन-11 और एक आईफोन-16 के रूप में दिया गया है। पुलिस बरामद उपकरणों की जांच कर सकती है, ताकि आरोपियों के संपर्कों, संभावित लेन-देन और नशे की सप्लाई से जुड़े सुरागों का पता लगाया जा सके। हालांकि, मोबाइल फोन से क्या जानकारी मिली है, इस बारे में पुलिस ने अभी कोई विस्तृत खुलासा नहीं किया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला नंबर 295 दर्ज किया गया है। केस में NDPS एक्ट की धाराओं 18 और 29/61/85 का उल्लेख किया गया है। अब जांच के दौरान बरामद अफीम के स्रोत, उसकी सप्लाई और आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस पूछताछ के आधार पर यह जानने का प्रयास कर रही है कि तीनों आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
पाकिस्तान से कनेक्शन की आशंका, जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बरामद नशीला पदार्थ पाकिस्तान से मंगवाया गया हो सकता है। हालांकि, अभी इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अफीम आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंची। सीमावर्ती क्षेत्र में कार्रवाई होने के कारण जांच एजेंसियां सप्लाई के संभावित रास्तों और आरोपियों के संपर्कों की भी पड़ताल कर सकती हैं। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बरामद अफीम किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के साथ अन्य लोग जुड़े हैं या नहीं और नशीले पदार्थ को आगे किसे दिया जाना था। मोबाइल फोन और बोलेरो गाड़ी की जांच से मामले में अतिरिक्त सुराग मिलने की संभावना है, लेकिन अब तक किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही नशीले पदार्थ के स्रोत तथा कथित तस्करी नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।
Also Read; फाजिल्का में नशा तस्करी पर NCB का शिकंजा, 1.538 किलो हेरोइन और ग्लॉक पिस्तौल जब्त

