October 1, 2026

Thanesar Anaj Mandi: कुरुक्षेत्र की थानेसर मंडी में 12 घंटे बाद विधायक ने किसान का जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया, प्रशासन को मिली 48 घंटे की मोहलत

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Thanesar Anaj Mandi: कुरुक्षेत्र की थानेसर मंडी में 12 घंटे बाद विधायक ने किसान का जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया, प्रशासन को मिली 48 घंटे की मोहलत

कुरुक्षेत्र की थानेसर मंडी में 12 घंटे बाद विधायक ने किसान का जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया

Thanesar Anaj Mandi: हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही मंडियों में व्यवस्थाओं और ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल की वेरिफिकेशन की धीमी रफ्तार पर किसानों का आक्रोश घटने का नाम नहीं ले रहा। कुरुक्षेत्र की प्रसिद्ध थानेसर अनाज मंडी में वेरिफिकेशन की समस्या को लेकर आमरण अनशन पर बैठे किसान राजेंद्र सिंह ने 12 घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। बुधवार देर रात थानेसर से नव-निर्वाचित कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा धरनास्थल पर पहुंचे और चंडीगढ़ में उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर किसानों की मांग को प्रमुखता से उठाया।

अधिकारियों का मिला आश्वासन, जूस पिलाकर खुलवाया अनशन

धरनास्थल पर पहुंचे विधायक अशोक अरोड़ा ने मौके से ही कृषि एवं खाद्य आपूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर सीधी बात की। अधिकारियों से मिले ठोस आश्वासन के बाद कि आगामी 48 घंटों के भीतर प्रदेश भर के किसानों की लंबित वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा, विधायक ने किसान राजेंद्र सिंह को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। हालांकि, अनशन समाप्त करने के बाद किसान राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह केवल 48 घंटे का विराम है। अगर दो दिनों में पोर्टल और वेरिफिकेशन की सभी बाधाएं दूर नहीं हुईं, तो वे सभी किसानों के हक के लिए दोबारा अनशन पर बैठने से पीछे नहीं हटेंगे।

‘अपनी लड़ाई से शुरू हुआ सफर, पूरे प्रदेश के किसानों का मुद्दा बना’

अनशन समाप्त करने के बाद किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे पिछले चार दिनों से अपनी फसल के पोर्टल सत्यापन और पटवारी रिपोर्ट के लिए तहसील और मंडी के चक्कर काट रहे थे। इस दौरान उन्हें अहसास हुआ कि यह अकेले उनकी समस्या नहीं है, बल्कि मंडी में आने वाला हर दूसरा किसान इसी तरह के प्रशासनिक फेरबदल से परेशान है। इसी के चलते उन्होंने व्यक्तिगत समस्या से ऊपर उठकर समूचे किसान समुदाय की आवाज़ उठाने के लिए अनशन का रास्ता चुना।

विधायक अरोड़ा ने सरकार पर साधा निशाना: ‘सीजन सिर पर आने के बाद नींद से जागी सरकार’

किसानों का समर्थन करते हुए थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने प्रदेश सरकार और मंडी प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। अरोड़ा ने कहा कि धान का खरीद सीजन शुरू होने से महीनों पहले—यानी जुलाई-अगस्त में ही—पोर्टल रजिस्ट्रेशन, भौतिक सत्यापन और राइस मिलर्स के साथ सरकारी एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण आज किसान मंडी में फसल लाने के बाद दर-दर भटकने को मजबूर है और मजबूरी में फसल को सस्ते दामों या पर्चियों पर बेचने का जोखिम उठा रहा है।

प्रशासन का दावा— जिले में 75 प्रतिशत से अधिक वेरिफिकेशन पूरी

दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए थानेसर के एसडीएम अमन कुमार ने बताया कि प्रशासनिक टीम लगातार किसानों से संपर्क में थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनशन पर बैठे किसान राजेंद्र सिंह के निजी दस्तावेजों की जांच पहले ही पूरी कर ली गई थी, लेकिन वे पूरे प्रदेश के किसानों की समस्या को लेकर अड़े हुए थे। एसडीएम ने दावा किया कि कुरुक्षेत्र जिले में 75 प्रतिशत से अधिक किसानों की जमीन और फसल का सत्यापन का काम निपटाया जा चुका है और बाकी बचे मामलों को भी अगले दो दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर लिया जाएगा।

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