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डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड अब शहर की शर्म नहीं, बनेगा सबसे सुंदर और ग्रीन इलाका: गुलाबचंद कटारिया

VVinita Kohli
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड अब शहर की शर्म नहीं, बनेगा सबसे सुंदर और ग्रीन इलाका: गुलाबचंद कटारिया
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चंडीगढ़: डड्डूमाजरा कॉलोनी में स्थित डंपिंग ग्राउंड चंडीगढ़ के लिए वर्षों तक सबसे बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन अब यह स्थान शहर के सबसे स्वच्छ, सुंदर और हरित क्षेत्रों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ अब कचरे को समस्या नहीं, बल्कि ऊर्जा और संसाधन के रूप में अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह बात सोमवार को डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट के लिए जमीन सौंपे जाने के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूटी प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कही। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अब मजबूरी नहीं, जरूरत बन गया है। वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा समाधान अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता हैं। 

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उन्होंने कहा कि शहरों को पारंपरिक डंपिंग व्यवस्था से बाहर निकलकर सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल अपनाना होगा, जिसमें कचरे का पुन: उपयोग किया जा सके। इस अवसर पर चंडीगढ़ मेयर हरप्रीत कौर बबला, प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू दी गवर्नर वी पी सिंह, राजेश प्रसाद, होम सेक्रेटरी-कम-सेक्रेटरी मनदीप सिंह बराड़, कमिश्नर अमित कुमार, चीफ कंर्न्जवेटर आफ फॉरेस्ट एंड चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन सौरभ कुमार, स्पेशल कमीशनर प्रदीप कुमार और एरिया काउंसलर कुलदीप कुमार इंडियन ऑयल कार्रपोरेशन लीमिटेड(आईओसीएल) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ.अजित कुमार ठाकुरविशेष रूप से मौजूद रहे।

डड्डूमाजरा बनेगा क्लीन एनर्जी हब

प्रशासक ने कहा कि डड्डूमाजरा को डंपिंग ग्राउंड से क्लीन एनर्जी हब में बदलना चंडीगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यहां स्थापित होने वाला सीबीजी प्लांट न केवल कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करेगा, बल्कि वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन भी उपलब्ध कराएगा। यह परियोजना देश के अन्य शहरी निकायों के लिए भी एक मॉडल बनेगी। कटारिया ने बताया कि सीबीजी प्लांट के साथ-साथ 33 प्रतिशत क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि जुलाई 2026 में डड्डूमाजरा में चंडीगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। वर्षा के बाद एक ही दिन शहरवासियों को आमंत्रित कर हजारों पौधे लगाए जाएंगे, जिससे यह इलाका हरियाली की मिसाल बनेगा।

हर महीने बस्तियों में जनसुनवाई, डड्डूमाजरा से होगी शुरुआत

प्रशासक ने कहा कि प्रशासन जनता से सीधे संवाद को प्राथमिकता देगा। इसके तहत हर महीने चार में से एक बुधवार वह स्वयं किसी बस्ती में जाकर जनसुनवाई करेंगे, जिसमें संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस पहल की शुरुआत इसी बुधवार से डड्डूमाजरा से की जाएगी। कटारिया ने बताया कि वर्ष 2019 से शुरू किए गए चरणबद्ध बायो-रिमेडिएशन कार्य के तहत करीब 28 एकड़ भूमि को कचरे से मुक्त किया जा चुका है। इससे बदबू, प्रदूषण और पर्यावरणीय खतरे में भारी कमी आई है और क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन बेहतर हुआ है।

निगम पर नहीं पड़ेगा वित्तीय बोझ, 125 करोड़ खर्च करेगी आईओसीएल

सीबीजी प्लांट को डिज़ाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट (डीबीएफओ) मॉडल पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि नगर निगम को संचालन और रखरखाव सहित किसी भी प्रकार का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। प्लांट प्रतिदिन 200 टन गीला कचरा और 30 टन गोबर का प्रसंस्करण करेगा।

स्वच्छता और सम्मानजनक जीवन मिलेगा: मेयर

कार्यक्रम में मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि इस परियोजना से डड्डूमाजरा के निवासियों को स्वच्छता के साथ सम्मानजनक और स्वस्थ जीवन मिलेगा। कचरे से स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होगा और शहर की पर्यावरणीय गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चंडीगढ़ को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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