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सेक्टर-1 कॉलेज में आत्मरक्षा कार्यशाला का समापन, विद्यार्थियों को आत्मरक्षा तकनीकों को वास्तविक जीवन में उपयोग करने के लिए किया गया प्ररित

VVinita Kohli
सेक्टर-1 कॉलेज में आत्मरक्षा कार्यशाला का समापन, विद्यार्थियों को आत्मरक्षा तकनीकों को वास्तविक जीवन में उपयोग करने के लिए किया गया प्ररित
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पंचकूला: गवर्नमेंट स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-1, पंचकूला में महिला अध्ययन एवं विकास प्रकोष्ठ तथा रक्षा अध्ययन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छः दिवसीय आत्मरक्षा कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन सत्र में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शैलजा छाबड़ा के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संसाधन व्यक्ति सतिंदर सिंह ने कार्यशाला के दौरान सिखाई गई आत्मरक्षा तकनीकों की पुनरावृत्ति करवाई तथा विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन में इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. शैलजा छाबड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, साहस एवं सतर्कता विकसित करता है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ छात्र-छात्राओं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनाती हैं और समाज में सुरक्षित वातावरण निर्माण में सहायक होती हैं। कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रो. कुसुम रानी, डॉ प्रेमलता, प्रोफेसर अंजू, प्रोफेसर पूनम, डॉ शीतल,डॉ. सुमेर तथा प्रोफेसर अनु की गरिमामयी उपस्थिति रही। छात्र-छात्राओं ने कार्यशाला के अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक एवं प्रेरणादायक बताया। समापन अवसर पर महाविद्यालय प्रशासन द्वारा संसाधन व्यक्ति सतिंदर सिंह को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा  भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया गया।

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