जयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार के आगामी वित्त वर्ष (2026-27) के बजट ने दिव्यांगजनों को निराश किया है और वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
गहलोत ने एक बयान में कहा कि भाजपा सरकार के बजट ने प्रदेश के ‘विशेष योग्यजनों’ को पूरी तरह निराश किया है। हमारी (तत्कालीन) सरकार ने दिव्यांगों के लिए दो विश्वविद्यालय दिए, जिन्हें आज ठप कर दिया गया है। इनका काम आगे बढ़ता तो ये प्रदेश के दिव्यांगों के लिए हितकारी होते।
विशेष शिक्षकों की भर्ती पर सरकार मौन- गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, विशेष शिक्षकों की भर्ती पर सरकार मौन है, जबकि दिव्यांगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं में कोई प्रभावी बढ़ोतरी नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि समझ नहीं आता कि भाजपा वंचित व कमजोर वर्गों के प्रति इतनी असंवेदनशील क्यों है? क्या बजट में इनके लिए बड़ी घोषणाएं नहीं होनी चाहिए थीं? दिव्यांगजन आज ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। गहलोत ने उम्मीद जताई कि सरकार कम से कम विनियोग विधेयक में दिव्यांगों के हित की घोषणाएं करेगी।

