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राजस्थान में दुखद घटना, सिलेंडर से ऑक्सीजन की सप्लाई थमी, एम्बुलेंस से इलाज के लिए ले जाए जा रहे मरीज की तड़प-तड़प कर मौत

VVinita Kohli
राजस्थान में दुखद घटना, सिलेंडर से ऑक्सीजन की सप्लाई थमी, एम्बुलेंस से इलाज के लिए ले जाए जा रहे मरीज की तड़प-तड़प कर मौत
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पाली: राजस्थान के पाली जिले में रविवार को 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। पाली के बांगड़ हॉस्पिटल से जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल रेफर किए गए 20 वर्षीय सावन कुमार की रास्ते में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस में लगे सिलेंडर से ऑक्सीजन बंद होने के कारण युवक ने अपने बड़े भाई की गोद में तड़पते हुए दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार शव को वापस पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचा और मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गया।

मृतक सावन कुमार पाली शहर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित नया गांव सांसी बस्ती का रहने वाला था। वह पिछले कई महीनों से किडनी की बीमारी से जूझ रहा था और उसका नियमित डायलिसिस चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उसे 7 मई को बांगड़ हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया था। रविवार को डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जोधपुर रेफर कर दिया।

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ऑक्सीजन सपोर्ट पर जोधपुर ले जाया जा रहा था मरीज

परिजनों के अनुसार सावन कुमार को 108 एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट पर जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था। उसके बड़े भाई देवाराम भी एम्बुलेंस में साथ थे। पाली से करीब 20 किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद अचानक मरीज की तबीयत और बिगड़ने लगी।

देवाराम ने बताया कि जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो चुकी थी। उन्होंने तुरंत एम्बुलेंस ड्राइवर को इसकी जानकारी दी। इस पर ड्राइवर ने कहा कि दूसरा सिलेंडर मंगवाया गया है और जल्द पहुंच जाएगा। लेकिन तब तक सावन की हालत लगातार खराब होती गई।

परिजनों के मुताबिक रोहट थाना क्षेत्र में ओम बन्ना धार्मिक स्थल के पास पहुंचते ही सावन कुमार ने दम तोड़ दिया। देवाराम ने बताया कि उनका भाई उनकी गोद में तड़पता रहा और कुछ ही देर बाद उसकी सांसें थम गईं। भाई की मौत के बाद परिजनों ने एम्बुलेंस चालक को बताया कि अब सिलेंडर बदलने का कोई मतलब नहीं है। इसके बाद परिवार शव को उसी एम्बुलेंस में वापस पाली लेकर आया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे परिजन

सावन कुमार की मौत के बाद परिवार और समाज के लोग बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने एम्बुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतक की मां लाली देवी ने आरोप लगाया कि उनका बेटा इलाज के लिए अस्पताल गया था, लेकिन एम्बुलेंस में लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। धरने के दौरान लोगों ने प्रशासन और चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी भी की।

मृतक के भाई देवाराम ने बताया कि करीब छह महीने पहले सावन कुमार की दोनों किडनियों में समस्या सामने आई थी। इसके बाद से उसका इलाज चल रहा था और सप्ताह में दो बार डायलिसिस के लिए उसे बांगड़ हॉस्पिटल लाया जाता था। अब तक उसका करीब 10 बार डायलिसिस हो चुका था। चार दिन पहले तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे ICU में भर्ती कराया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि जोधपुर रेफर होने के बाद उसकी हालत में सुधार होगा, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

एम्बुलेंस प्रबंधन ने तकनीकी खराबी की बात कही

108 एम्बुलेंस सेवा के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मंथन शर्मा ने कहा कि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन मौजूद थी, लेकिन सिलेंडर की चूड़ी में तकनीकी समस्या आने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि ड्राइवर का कॉल आने के बाद तुरंत रोहट से दूसरा ऑक्सीजन सिलेंडर भेजा गया था। फिलहाल पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। वहीं परिजनों की शिकायत पर सीएमएचओ ने भी मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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