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विश्वविद्यालयों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए संकाय विकास व नवाचार पर जोर देना चाहिए : उपराष्ट्रपति

JJagmarg Desk
विश्वविद्यालयों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए संकाय विकास व नवाचार पर जोर देना चाहिए : उपराष्ट्रपति
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धर्मशाला: उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए आधुनिक विश्वविद्यालयों को संकाय विकास, नवाचार और मजबूत अकादमिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने यहां हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पदक विजेताओं में ज्यादातर महिलाएं हैं, जो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र की प्रगति में उनके बढ़ते योगदान का एक मजबूत प्रमाण है।

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राधाकृष्णन ने छात्रों से राष्ट्र निर्माण के प्रति स्वयं को समर्पित करने और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को कायम रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में छात्र और युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उपराष्ट्रपति ने समावेशी विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया, जिसमें समाज का कोई भी राज्य या वर्ग पीछे न छूटे।

राधाकृष्णन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देव भूमि और वीर भूमि के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य ने राष्ट्र के सशस्त्र बलों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य के लिए प्रशंसा का पात्र है।

कांगड़ा हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का स्वागत राज्यपाल कविंदर गुप्ता, कृषि मंत्री चंद्र कुमार और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने किया। उन्हें औपचारिक गारद सलामी दी गई।

पदभार संभालने के बाद उपराष्ट्रपति की यह हिमाचल प्रदेश की पहली यात्रा है। इससे पहले दिन में, उन्होंने राजकीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

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