UPES convocation 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर देश इस लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी शिक्षा और क्षमताओं का इस्तेमाल केव
ल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश की प्रगति के लिए भी करने की अपील की। मुख्यमंत्री गुरुवार को देहरादून के बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। विश्वविद्यालय से निकलने के बाद उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करना होगा, जहां मेहनत, लगन और लगातार सीखने की इच्छा उनकी सफलता का आधार बनेगी।

धामी ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य तय करके उन तक पहुंचने के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में अच्छे काम करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से वास्तविक खुशी और संतुष्टि मिलती है। व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से बनती है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ जीवन मूल्यों का भी ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यूपीईएस की शैक्षणिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले दो दशकों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा, कार्यक्षमता और उपलब्धियों के जरिए उत्तराखंड सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।
नौकरी लेने के बजाय रोजगार देने वाले बनें युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है। तेजी से बदलती तकनीक के बीच युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल को लगातार बेहतर बनाना चाहिए, ताकि वे बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है।
धामी ने बताया कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा केवल सरकारी या निजी नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से अपने काम की शुरुआत करें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। इसके लिए राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता में लिया हिस्सा

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। विद्यार्थियों ने अलग-अलग विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। धामी के मुताबिक, इन सुझावों से पता चलता है कि उत्तराखंड के युवा समाज और देश से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक हैं तथा उनमें सकारात्मक सोच और बदलाव की इच्छा है। उन्होंने कहा कि जागरूक और प्रतिभाशाली युवा किसी भी राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार होते हैं। युवाओं की ऊर्जा और विचारों को सही दिशा देना जरूरी है, ताकि वे समाज की समस्याओं के समाधान में योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पढ़ाई पूरी होने के बाद भी सीखने की आदत बनाए रखने और अपनी क्षमताओं का उपयोग जनहित में करने का आह्वान किया।
4,795 विद्यार्थियों को मिल रहीं उपाधियां, छह को सिल्वर प्लेट पुरस्कार

यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 विद्यार्थी और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार देकर सम्मानित किया। दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच भी पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विद्यार्थियों के परिजनों से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय और प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

