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Uttar Pradesh News: फतेहपुर में बंद कमरे में मिले मां-बेटे समेत तीन लोगों के शव, आत्महत्या की आशंका

VVinita Kohli
Uttar Pradesh News: फतेहपुर में बंद कमरे में मिले मां-बेटे समेत तीन लोगों के शव, आत्महत्या की आशंका
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कानपुर: कानपुर से सटे फतेहपुर जिले में बुधवार रात को मां-बेटे समेत तीन लोगों के शव घर के एक कमरे में बरामद किए गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आर्थिक तंगी के कारण इन लोगों ने आत्महत्या की है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि घटना सदर थाना इलाके के लखनऊ बाईपास के पास चौफीरवा गांव में हुई, जहां परिवार कुछ साल पहले रहने आया था। उन्होंने बताया कि मरने वालों की पहचान सुशीला श्रीवास्तव (51), उनके बेटे अमर श्रीवास्तव (28) और देवर सुनील उर्फ ​​गुड्डू श्रीवास्तव (52) के तौर पर हुई है। 

उन्होंने बताया कि तीनों की गर्दन पर गहरे घाव के निशान थे और कलाई कटी हुई थी। शुक्ला ने बताया कि पुलिस को कमरे से सल्फास की तीन खाली पुड़िया और खून से सने चार ब्लेड मिले हैं। उन्होंने बताया कि सुशीला के पति सुशील कुमार श्रीवास्तव (55) पेशे से वाहन चालक हैं। वह शाम को जब अपनी बेटी के घर से लौटे, तो उन्होंने मुख्य दरवाजा अंदर से बंद पाया। शुक्ला के मुताबिक सुशील ने अपनी पत्नी को बार-बार फोन किया लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और अपनी पत्नी और बेटे को खून से लथपथ पाया, जबकि उनका छोटा भाई सुनील गंभीर रूप से घायल था। 

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उन्होंने बताया कि सुनील को जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अपर पुलिस महानिदेशक (प्रयागराज जोन) ज्योति नारायण और पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार मिश्रा समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौका मुआयना किया और जांच की निगरानी की। नारायण ने संवाददाताओं से कहा कि शुरुआती जांच में हत्या के बजाय आत्महत्या की ओर इशारा मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘मौके पर ब्लेड मिले थे और दरवाजा अंदर से बंद था। सल्फास के खाली पैकेट और गिलासों में जहर के निशान भी मिले। कमरे के अंदर किसी लड़ाई-झगड़े के कोई निशान नहीं थे।’’ 

पुलिस के मुताबिक, तीनों ने संभवत: पहले सल्फास खाया और बाद में ब्लेड से अपनी कलाई और गर्दन काट ली। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से बरामद एक सुसाइड नोट में अमर ने कथित तौर पर बहुत ज्यादा आर्थिक तंगी का जिक्र किया है और तीन लोगों के नाम बताए हैं, जिन पर यह कदम उठाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि तीनों पीड़ितों की गर्दन और कलाई पर ब्लेड से कटने के निशान मिले हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अमर पर लगभग 50 लाख रुपये का कर्ज था और उसने ऋण चुकाने के लिए पहले अपना घर बेच दिया था। 

वह हाल के दिनों में जान-पहचान वालों और रिश्तेदारों से भी थोड़ी-थोड़ी रकम उधार ले रहा था। अपर पुलिस महानिदेशक (प्रयागराज जोन) ज्योति नारायण ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद घटनाओं का सही क्रम स्पष्ट होगा। हम सुसाइड नोट में लिखे आरोपों की भी जांच कर रहे हैं।’’ इस घटना की खबर तेजी से फैलने पर इलाके में दहशत फैल गई, जिससे बड़ी भीड़ जमा हो गई।

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