Lakhpati Didi Scheme: रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन का माहौल खुशियों और आत्मीयता से सराबोर नजर आया। राज्य के विभिन्न जनपदों से पहुंचीं सैकड़ों बहनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने भी पूरी आत्मीयता के साथ बहनों का स्वागत किया और उन्हें पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और अधिकार की रक्षा के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
“मातृशक्ति राज्य की रीढ़, परिवार से लेकर समाज निर्माण तक में अहम योगदान”
बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धागा बांधने का उत्सव नहीं, बल्कि स्नेह, अटूट विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। उत्तराखंड की महिलाओं के संघर्ष और योगदान को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण से लेकर इसके विकास की यात्रा तक मातृशक्ति की भूमिका सर्वोपरि रही है। प्रदेश की बहनें परिवार की मजबूत आधारशिला होने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि और स्वरोजगार के हर मोर्चे पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही हैं।
3.09 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण का मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का ऐतिहासिक कदम हो या फिर राज्य में सरकारी नौकरियों में दिया जा रहा 30 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण—हर फैसले ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप उत्तराखंड में ‘लखपति दीदी अभियान’ का तेजी से क्रियान्वयन किया गया है, जिसके चलते अब तक प्रदेश की 3 लाख 09 हजार से ज्यादा बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों के जरिए स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ अपनी पारिवारिक आजीविका को सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी बहुमूल्य योगदान दे रही हैं।
योजनाओं से मिल रहा नए अवसरों का संबल
राज्य सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के जरिए महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खोले गए हैं। समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और ब्रांडिंग मुहैया कराने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट समेत कई गणमान्य लोग और भारी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।
यह भी पढ़ें– Karnal News: करनाल में पुलिस को चकमा, ब्याना चौकी की दीवार लांघकर भागा भगोड़ा आरोपी रिंकू

