Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार की हरकी पौड़ी पर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। साथ ही उन्होंने मां गंगा से देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। हरकी पौड़ी पर गंगा पूजन के बाद मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने हरिद्वार में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लिया। बैठक के लिए गंगा तट पर स्थित मेला नियंत्रण भवन को चुना गया। इस तरह सोमवार को हरिद्वार में धार्मिक कार्यक्रम के साथ राज्य सरकार की प्रशासनिक गतिविधियां भी आयोजित हुईं। सरकार की ओर से जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने की पहल का उद्देश्य शासन को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के करीब ले जाना और स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देना है।
मुख्यमंत्री धामी ने गंगा पूजन के दौरान प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन के साथ राष्ट्र की उन्नति तथा जनकल्याण की कामना की। कार्यक्रम का संबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने से था। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की उनकी भूमिका के इस पड़ाव के अवसर पर हरिद्वार में पूजा-अर्चना की गई।

7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में ली थी शपथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात सरकार के प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली। बाद में वह देश के प्रधानमंत्री बने। गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सरकार के प्रमुख की जिम्मेदारी निभाते हुए उनके 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में मां गंगा का पूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करने के साथ देश और प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा-अर्चना में प्रदेश मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने भी भाग लिया। हरकी पौड़ी पर गंगा आरती के बाद मुख्यमंत्री और मंत्री मेला नियंत्रण भवन पहुंचे, जहां कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। हरिद्वार में इस कार्यक्रम के आयोजन के दौरान धार्मिक और प्रशासनिक गतिविधियां एक साथ देखने को मिलीं। एक ओर मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने गंगा पूजन किया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार की बैठक के जरिए राज्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कैबिनेट बैठक के एजेंडे और उसमें लिए गए निर्णयों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

गंगा तट पर मेला नियंत्रण भवन में हुई कैबिनेट बैठक
हरिद्वार में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक गंगा तट पर स्थित मेला नियंत्रण भवन में आयोजित की गई। राज्य सरकार की ओर से राजधानी से बाहर अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने की पहल के तहत यह आयोजन किया गया। सरकार का कहना है कि इस तरह की बैठकों का उद्देश्य शासन को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के और अधिक निकट लाना है, ताकि स्थानीय विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिल सके। आमतौर पर राज्य स्तर पर होने वाली मंत्रिमंडल की बैठकों में प्रदेश से जुड़े नीतिगत और प्रशासनिक विषयों पर विचार किया जाता है। जिलों में बैठकें आयोजित करने से संबंधित क्षेत्र की आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों को शासन के सामने रखने का अवसर मिलता है। इससे क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करने के पीछे भी शासन को अलग-अलग जनपदों तक पहुंचाने की इसी पहल को प्रमुख वजह बताया गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रशासनिक गतिविधियां केवल राजधानी तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित हों। इससे स्थानीय जरूरतों को राज्य स्तर पर चर्चा में शामिल करने का अवसर मिलता है।

बनबसा में भी आयोजित हो चुकी है कैबिनेट बैठक
हरिद्वार से पहले चंपावत जिले के बनबसा में भी उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। बनबसा में बैठक आयोजित करने के बाद अब हरिद्वार में मंत्रिमंडल की बैठक होना राज्य सरकार की जिलों तक शासन पहुंचाने की पहल की अगली कड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार अलग-अलग जनपदों में बैठकें आयोजित कर क्षेत्रीय आवश्यकताओं और स्थानीय विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की बात कह रही है। इस व्यवस्था के तहत विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक गतिविधियां आयोजित करने से स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली जरूरतों को राज्य सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
उत्तराखंड भौगोलिक रूप से विविध परिस्थितियों वाला राज्य है। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की जरूरतें कई मामलों में अलग-अलग होती हैं। ऐसे में जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने से क्षेत्र विशेष से जुड़े विषयों को चर्चा में शामिल करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, इन बैठकों से होने वाले वास्तविक लाभ का आकलन उनके दौरान लिए गए फैसलों और उन पर अमल की स्थिति के आधार पर ही किया जा सकेगा।

स्थानीय विकास और जनहित के मुद्दों पर जोर
राज्य सरकार की इस पहल का घोषित उद्देश्य स्थानीय विकास और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देना है। किसी जनपद में कैबिनेट बैठक आयोजित होने से उस क्षेत्र की जरूरतों, विकास संबंधी चुनौतियों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा का अवसर मिलता है। इसके साथ ही शासन की गतिविधियों को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने का संदेश भी जाता है। बनबसा के बाद हरिद्वार में बैठक आयोजित किए जाने से सरकार ने इस पहल को आगे बढ़ाया है। हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां गंगा तट के पास मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने बैठक से पहले हरकी पौड़ी पर गंगा पूजन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ जीवन के साथ देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। अब इस पहल का प्रभाव बैठक में लिए जाने वाले फैसलों, स्थानीय समस्याओं पर होने वाली कार्रवाई और विकास कार्यों की प्रगति से जुड़ा रहेगा। हरिद्वार की कैबिनेट बैठक के निर्णयों का विस्तृत विवरण सामने आने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदेश के किन मुद्दों पर चर्चा हुई और किन विषयों पर सरकार ने आगे की कार्रवाई तय की। देहरादून में मुख्यमंत्री धामी ने बहुउद्देशीय शिविर में की शिरकत, लाभार्थियों को बांटे कृषि यंत्र और किट

