Uttarakhand News: हल्द्वानी में CM धामी का बड़ा बयान, इकोलॉजी और इकॉनमी का संतुलन ही बनाएगा मजबूत उत्तराखण्ड
हल्द्वानी में CM धामी का बड़ा बयान, इकोलॉजी और इकॉनमी का संतुलन ही बनाएगा मजबूत उत्तराखण्ड
Uttarakhand News: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी में दैनिक जागरण द्वारा आयोजित ‘जागरण विमर्श: उत्तराखण्ड – आशाएं और चुनौतियां’ कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस मंच से प्रदेश के सफरनामे का लेखा-जोखा रखते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास यात्रा, अब तक की उपलब्धियों, (Uttarakhand Development News) भविष्य की संभावनाओं और संवेदनशील हिमालयी राज्य के सामने खड़ी चुनौतियों पर खुलकर अपनी बात रखी।
₹4 हजार करोड़ से ₹1.11 लाख करोड़ तक का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कोई ठहराव नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और वक्त के साथ-साथ राज्य की जरूरतें व चुनौतियां भी बदलती रहती हैं। (Uttarakhand Budget Growth) उन्होंने आंकड़ों की मिसाल देते हुए बताया कि साल 2000 में राज्य गठन के समय जिस उत्तराखण्ड का बजट महज ₹4 हजार करोड़ के आसपास हुआ करता था, वह आज बढ़कर लगभग ₹1.11 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंच चुका है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, कृषि से लेकर पर्यटन तक, हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है।
प्रति व्यक्ति आय में उछाल और पर्यटन में नई क्रांति
धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड आज देश के अग्रणी पर्यटन और फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना चुका है। पिछले कुछ वर्षों के भीतर राज्य में होम-स्टे की संख्या में करीब 50 फीसदी का इजाफा हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधी संजीवनी मिली है। (Uttarakhand Ecology and Economy Balance) नीति आयोग के ‘एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24’ में उत्तराखण्ड ने केरल के साथ संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मातृशक्ति और युवाओं को सशक्त बनाने की पहल
प्रदेश की मातृशक्ति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वावलंबी बनाने के लिए ₹5 लाख तक के बिना ब्याज के ऋण की व्यवस्था की गई है।
युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कड़े नकल विरोधी कानून का ही नतीजा है कि धांधली में शामिल 100 से अधिक असामाजिक तत्वों को जेल भेजा गया और हाल के वर्षों में करीब 35 हजार मेधावी युवाओं को सरकारी सेवाओं में पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां मिली हैं।
आधुनिक शिक्षा, कुंभ 2027 और पर्यावरणीय चुनौतियां
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में ‘उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ लागू करने का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को आधुनिक, वैज्ञानिक और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है। इसके अलावा, हरिद्वार में आयोजित होने वाले ‘कुंभ मेला-2027’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संत समाज, अखाड़ों और धार्मिक संगठनों के मार्गदर्शन में ऐसा भव्य, दिव्य और सुरक्षित आयोजन तैयार किया जा रहा है, जो दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्मरणीय रहेगा।
अपने संबोधन के अंत में अनियोजित विकास और जलवायु परिवर्तन को राज्य के लिए गंभीर चिंता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। (Uttarakhand News Today) इसीलिए प्रदेश के विभिन्न पहाड़ी शहरों और संवेदनशील क्षेत्रों की ‘कैरीइंग कैपेसिटी’ (धारण क्षमता) का वैज्ञानिक आकलन कराया जा रहा है। साथ ही ग्लेशियरों और ग्लेशियल झीलों की सैटेलाइट व वैज्ञानिक निगरानी को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि विकास की गति पर्यावरण की कीमत पर न थमे।
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