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Uttarakhand SDG Achievers Award: उत्तराखंड SDG अचीवर्स अवार्ड: 32 संस्थाओं को मिला सम्मान, जानिए सुशासन की रेस में कौन सा जिला रहा आगे

AAmandeep Singh
उत्तराखंड SDG अचीवर्स अवार्ड: 32 संस्थाओं को मिला सम्मान, जानिए सुशासन की रेस में कौन सा जिला रहा आगे
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उत्तराखंड। पहाड़ के विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की जद्दोजहद के बीच अल्मोड़ा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय आयोजन संपन्न हुआ। ‘सतत विकास लक्ष्य (SDG) अचीवर्स अवार्ड’ समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित होने वाले सभी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को ‘कर्मयोगी’ करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत इरादों के दम पर कैसे असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं, यह इन पुरस्कार विजेताओं ने साबित किया है। ऐसे लोगों के बीच उपस्थित होना सरकार और राज्य दोनों के लिए गौरव का विषय है।

इकोलॉजी और इकोनॉमी का संतुलन: 2030 के संकल्प की ओर कदम

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मुख्यमंत्री ने पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए विकास के एक नए मॉडल पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पर्यावरण (इकोलॉजी) और आर्थिकी (इकोनॉमी) एक साथ कदमताल नहीं करेंगे, तब तक स्थायी विकास की कल्पना बेमानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास के सभी लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए रोडमैप पर काम कर रही है। सुशासन, गरीब कल्याण और विशेषकर सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (बिजली, पानी, सड़क) को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

10वें स्थान से सीधे देश में टॉप पर पहुंचा उत्तराखंड

उत्तराखंड के विकास के लिए इस मंच से एक बेहद उत्साहजनक आंकड़ा भी साझा किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक दौर था जब नीति आयोग के ‘एसडीजी इंडिया इंडेक्स’ में उत्तराखंड देश में 10वें स्थान पर हुआ करता था। लेकिन, हालिया रिपोर्टों ने यह साबित कर दिया है कि सही नीति और योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्यों के बदौलत उत्तराखंड आज पूरे देश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में है, हालांकि अभी भी कई मानकों पर और सुधार किया जाना बाकी है।

रुद्रप्रयाग ने मारी बाजी, नीति आयोग के मानकों पर ये जिले रहे आगे

समारोह के दौरान जिला स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग की भी घोषणा की गई, जिसमें छह जनपदों ने शीर्ष तीन स्थानों पर कब्जा जमाया। इस बार की वार्षिक रिपोर्ट में केदारघाटी के केंद्र रुद्रप्रयाग जिले ने पहला स्थान हासिल कर सबको चौंकाया है। वहीं, उत्तरकाशी और नैनीताल जिलों ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा बागेश्वर, चमोली और टिहरी जिलों को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस सफलता के लिए विशेष बधाई दी।

गरिमामयी रही दिग्गजों की मौजूदगी

इस उच्च स्तरीय पुरस्कार समारोह में कुमाऊं और गढ़वाल के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। मंच पर जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, रानीखेत के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और गोविंद पिलख्वाल के साथ-साथ पलायन आयोग के सदस्य अनिल सिंह साही और भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल मौजूद रहे। प्रशासनिक अमले से सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के सहित अर्थ एवं संख्या विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरी पुरस्कार प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया।

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