Breaking News
Faridabad Murder Case: फरीदाबाद में अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्याNangal Chaudhary City News: त्योहारी सीजन में शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकानदारों को किया जागरूकदिल्ली की रामलीला में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ जलेगा 30 फीट के कॉकरोच का पुतला, स्वच्छता से जुड़ा संदेशAmbala railway station: अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर लावारिस कट्टों में मिली 60 बोतल शराब, तस्करों में मचा हड़कंपNarnaul News: डीएलएसए की ओर से विद्यार्थियों को सिखाये ‘गुड टच-बैड टच’ के नियम, पोक्सो एक्ट पर दी जानकारीFaridabad Murder Case: फरीदाबाद में अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्याNangal Chaudhary City News: त्योहारी सीजन में शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकानदारों को किया जागरूकदिल्ली की रामलीला में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ जलेगा 30 फीट के कॉकरोच का पुतला, स्वच्छता से जुड़ा संदेशAmbala railway station: अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर लावारिस कट्टों में मिली 60 बोतल शराब, तस्करों में मचा हड़कंपNarnaul News: डीएलएसए की ओर से विद्यार्थियों को सिखाये ‘गुड टच-बैड टच’ के नियम, पोक्सो एक्ट पर दी जानकारी

उत्तराखंड में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार होगा स्किल डेवलपमेंट प्लान, मुख्य सचिव के निर्देश

VVinita Kohli
शेयर करें
Uttarakhand Skill Development Plan उत्तराखंड में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार होगा स्किल डेवलपमेंट प्लान, मुख्य सचिव के निर्देश

उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार दिलाने पर जोर

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

Uttarakhand Skill Development Plan: उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने और उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए राज्य का स्किल डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उद्योग जगत और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को राज्य और जिला स्तर पर रोजगार की संभावनाओं, उद्योगों की मांग तथा उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं का आकलन करके योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं होना चाहिए। प्रशिक्षण ऐसा हो, जिससे युवा उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के मुताबिक दक्ष बनें और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके लिए प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों और उद्योगों की मांग के बीच मौजूद अंतर को दूर करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

 

विज्ञापन

सभी जिलों की स्किल डेवलपमेंट योजना जल्द होगी तैयार

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी जनपदों के डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान जल्द तैयार करके पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की योजना वहां उपलब्ध रोजगार के अवसरों, प्रशिक्षण सुविधाओं और विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की मांग के आकलन के आधार पर तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से उन क्षेत्रों की पहचान करने को कहा, जहां रोजगार की संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे क्षेत्रों में नए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके। जिलों की जरूरतों के अनुसार योजना तैयार होने से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक व्यावहारिक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे युवाओं को ऐसे कौशल सीखने का अवसर मिलेगा, जिनकी उद्योगों और रोजगार बाजार में वास्तविक मांग है।

 

उद्योगों की मांग और प्रशिक्षण के बीच का अंतर होगा दूर

बैठक में मुख्य सचिव ने उद्योगों की जरूरतों और प्रशिक्षण संस्थानों में दिए जा रहे प्रशिक्षण के बीच के अंतर को चिह्नित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में रोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण के लक्ष्यों का आकलन करके कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।

उन्होंने उभरते हुए कौशल क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस संबंध में सेतु आयोग के अध्ययन का उपयोग करने को कहा गया, ताकि भविष्य में सामने आने वाली कौशल संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा सकें। मुख्य सचिव ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने तथा युवाओं को रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाने पर जोर दिया गया।

 

प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए तय होंगे मानक, थर्ड पार्टी ऑडिट भी

मुख्य सचिव ने प्रदेश में संचालित सभी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के मानक निर्धारित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता में एकरूपता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को तय मानकों के अनुरूप कौशल हासिल हो। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आकलन करने के साथ उनकी गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने को भी कहा। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन करने और कमियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। मुख्य सचिव ने विभिन्न कौशल विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के बीच समन्वय स्थापित करके प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष बनाना और उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना कौशल विकास योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।

बैठक में सचिव सी. रविशंकर और श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डे, अनुराधा पाल और नरेन्द्र सिंह भण्डारी मौजूद रहे। इसके अलावा भारतीय उद्योग परिसंघ (उत्तराखंड) के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सीआईआई (यूके) के निदेशक गौरव लांबा और बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर के डॉ. सचिन शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। CM धामी ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, शिक्षा में तकनीक और नवाचार पर जोर

Click Here : पंजाब, मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की ताज़ा खबरों और अपडेट्स से जुड़े रहने के लिए आप हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन कर सकते हैं। ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

उत्तराखंड की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।