Uttarakhand News: उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है. शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित ‘मुख्य सेवक सदन’ में आयोजित ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ (Viksit Uttarakhand Yatra Jari Hai) संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस खास कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं, प्रगतिशील किसानों और स्वरोजगार से जुड़े युवाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं. मुख्यमंत्री ने सभी के अनुभवों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी उपलब्धियों की जमकर सराहना की.
पर्यटन, ऊर्जा और स्वरोजगार में अपार संभावनाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड अपनी मजबूत भूमिका निभा रहा है.
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय पर्यटन और ऊर्जा को विकास का मुख्य स्तंभ माना गया था और आज इन दोनों क्षेत्रों में राज्य ने लंबी छलांग लगाई है. (Uttarakhand startup growth 2026) सीएम ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में अनुकूल नीतियों के चलते स्टार्टअप्स का दायरा काफी बढ़ा है, जिसकी बदौलत स्टार्टअप्स की संख्या 700 से बढ़कर अब 1,700 के पार पहुंच चुकी है.
चंपावत से लेकर जर्मनी तक चमका उत्तराखंड के युवाओं का हुनर
संवाद कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने अपने जमीनी अनुभवों को साझा किया. चंपावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा व बैटरी चालित कार बनाने की उपलब्धि बताई, तो उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने राज्य सरकार की डेयरी योजनाओं की मदद से 13 मवेशियों का सफल व्यवसाय खड़ा करने की अपनी कहानी बयां की.
वहीं, उधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि उनका स्टार्टअप अब 10 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है. कार्यक्रम में चमोली के घेस गांव में कुटकी जैसी औषधीय खेती से 300 लोगों को जोड़कर 2 करोड़ रुपये तक की आय अर्जित करने वाले डॉ. हरपाल नेगी का प्रयास भी चर्चा में रहा.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सफलताओं का जिक्र करते हुए ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ के तहत जर्मनी में नर्सिंग का काम पाने वाली टिहरी की सपना राणा ने सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. (Pushkar Singh Dhami Dehradun event) वहीं सिंगापुर में सीवरेज जल शोधन क्षेत्र में कार्यरत चंपावत मूल के शैलेश ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अपने पैतृक गांव को गोद लेने की इच्छा जताई. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्थानीय संसाधनों और प्रतिभा का ऐसा बेहतर इस्तेमाल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रहा है.
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