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Food Wrapping Science: फल और सब्जियों पर क्यों लपेटी जाती है पतली प्लास्टिक? जानिए इसके फायदे और नुकसान

GGaganpreet Kaur
फल और सब्जियों पर क्यों लपेटी जाती है पतली प्लास्टिक? जानिए इसके फायदे और नुकसान
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मॉल, सुपरमार्केट या ऑनलाइन ग्रोसरी ऐप्स से जब हम फल और सब्जियां मंगाते हैं, तो कई बार उन पर शीशे जैसी साफ और बेहद पतली प्लास्टिक की एक परत लिपटी होती है। बहुत से लोग इसे महज पैकेजिंग की एक कला या दिखावा समझते हैं, लेकिन असल में इसे ‘क्लिंग फिल्म’ (Cling Film) या फूड रैप कहा जाता है। आज के दौर में यह आधुनिक किचन और फूड इंडस्ट्री का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस पारदर्शी पन्नी में खाने को लपेटने के पीछे की असली वजह क्या है और यह हमारी सेहत को कैसे प्रभावित करती है?

हवा और बैक्टीरिया पर फुल स्टॉप, ऐसे सुरक्षित रहता है खाना

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क्लिंग फिल्म का सबसे बड़ा वैज्ञानिक फायदा यह है कि यह भोजन को एयरटाइट (हवा रहित) कर देती है। जब कोई फल या सब्जी सीधे हवा के संपर्क में आती है, तो उसका मॉइस्चर (नमी) उड़ने लगता है और वह सूख जाती है। प्लास्टिक रैप नमी को भीतर ही लॉक कर देता है, जिससे खीरा, ब्रोकली, सेब या कटी हुई सब्जियां कई दिनों तक बिल्कुल ताजी बनी रहती हैं। इसके अलावा, यह हवा में तैरने वाले धूल-कणों, कीड़ों और हानिकारक बैक्टीरिया को भोजन तक पहुंचने से रोकती है, जिससे खाना दूषित होने से बच जाता है।

फ्रिज के भीतर का ‘स्मेल वॉर’ करेगी खत्म

अक्सर घरों में देखा जाता है कि फ्रिज में अगर कोई कटी हुई सब्जी, गुंथा हुआ आटा या नॉन-वेज (चिकन-मटन) खुला रख दिया जाए, तो पूरे फ्रिज में एक अजीब सी गंध फैल जाती है। कई बार एक खाने का स्वाद दूसरे खाने में समा जाता है। इस समस्या का सबसे सटीक समाधान क्लिंग फिल्म है। कच्चे या पके हुए भोजन के बर्तन को ऊपर से इस फिल्म से कवर कर देने पर महक बाहर नहीं निकलती। साथ ही, यह फ्रीजर बर्न (अत्यधिक ठंड से खाने का खराब होना) से भी फ्रोजन फूड्स की रक्षा करती है।

इस्तेमाल में बरतें ये सावधानियां, वरना सेहत पर पड़ेगा भारी

बेशक क्लिंग फिल्म बेहद काम की चीज है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल आपकी थाली में जहर घोल सकता है। बाजार में मिलने वाली सस्ती प्लास्टिक रैप में बीपीए (BPA) और थैलेट्स जैसे हानिकारक केमिकल हो सकते हैं। इसलिए हमेशा ‘BPA-Free’ और फूड-ग्रेड प्रमाणित क्लिंग फिल्म ही खरीदें।

विशेषज्ञों की मानें तो बहुत ज्यादा गर्म, ऑयली या फैटी (वसायुक्त) भोजन के सीधे संपर्क में इस प्लास्टिक को नहीं आना चाहिए, क्योंकि गर्मी पाकर प्लास्टिक के केमिकल खाने में पिघल सकते हैं। अगर आप माइक्रोवेव में खाना गर्म कर रहे हैं, तो पैकेट पर लिखे निर्देश जरूर पढ़ें कि वह रैप माइक्रोवेव-सेफ है या नहीं।

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