जून के इस चिलचिलाते महीने में हर घर के डाइनिंग टेबल पर आम अपनी जगह बना चुका है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा और अल्फोंसो जैसी किस्मों को देखते ही मुंह में पानी आना स्वाभाविक है। लेकिन अक्सर आपने देखा होगा कि घर की दादियां और नानियां आम को बाजार से लाते ही सबसे पहले पानी से भरी बाल्टी में डाल देती हैं। यह केवल एक पुरानी परंपरा या आदत नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी आधार है। बिना भिगोए आम खाना सीधे तौर पर आपके पाचन तंत्र और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
आखिर कितनी देर तक पानी में डुबोकर रखना है सही?
डाइटिशियन और हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आम को खाने से कम से कम आधा घंटा पहले पानी में डाल देना चाहिए। अगर आपके पास थोड़ा और वक्त है, तो इसे 1 से 2 घंटे तक पानी में ही डूबा रहने दें। इतने समय में फल के भीतर की रासायनिक और ऊष्मीय प्रक्रियाएं काफी हद तक शांत हो जाती हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि हमेशा साबुत (बिना कटे) आम को ही पानी में भिगोएं। गलती से भी कटे हुए आम को पानी में न डालें, क्योंकि इससे उसका सारा स्वाद और पौष्टिक तत्व पानी में बह जाएंगे और बैक्टीरिया पनपने का डर अलग से रहेगा।
गर्म तासीर और मुंहासों का सीधा कनेक्शन
कई लोगों को शिकायत होती है कि आम खाते ही उनके चेहरे पर दाने, पिंपल्स निकलने लगते हैं या पेट में गर्मी बढ़ जाती है। आयुर्वेद में इसका कारण आम की अत्यधिक ‘गर्म तासीर’ को माना गया है। जब हम आम को कुछ देर के लिए ठंडे पानी में रखते हैं, तो इसकी थर्मल प्रॉपर्टीज (गर्मी) संतुलित हो जाती है। इसके अलावा, आम के पौधों पर फल को कीड़ों से बचाने के लिए भारी मात्रा में कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। पानी में भिगोकर रखने से यह हानिकारक केमिकल कोटिंग ढीली पड़ जाती है, जिससे फल पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है।
डंठल का वो सफेद जहर, जो बिगाड़ देता है गले का स्वाद
आम को पेड़ से तोड़ते समय उसके डंठल वाले हिस्से से एक गाढ़ा, सफेद दूधिया रस निकलता है जिसे ‘चेप’ या ‘चोप’ भी कहते हैं। इस रस में एसिडिक गुण होते हैं। अगर यह रस बिना साफ किए सीधे आपके मुंह या होठों पर लग जाए, तो वहां की त्वचा छिल सकती है, छाले पड़ सकते हैं या गले में भयंकर खुजली और खराश हो सकती है। पानी में भिगोने से यह गाढ़ा रस पूरी तरह घुलकर पानी में मिल जाता है। पानी से निकालने के बाद आम के ऊपरी हिस्से (डंठल) को आधा इंच काटकर अलग कर दें और फिर बहते साफ पानी में धोकर इसका लुत्फ उठाएं।

