बरनाला: बरनाला में अवैध कब्जों, ट्रैफिक कर्मचारियों की कमी और नियमों की अनदेखी के कारण ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल है। एसडी कॉलेज ओवरब्रिज, बस स्टैंड रोड, अदालत कॉम्प्लेक्स, जौड़े पेट्रोल पंप, सदर बाजार, फरवाही बाजार और हंडियाया बाजार में रोजाना जाम लगते हैं। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस समस्या का अभी तक कोई पुख्ता और स्थायी समाधान नहीं हुआ है। भले ही अब नगर काउंसिल से नगर निगम में तब्दील होकर बरनाला बड़े शहरों में शामिल हो चुका है, लेकिन लोगों के मुताबिक स्थिति अब भी जस की तस नजर आ रही है।
हालांकि, लोगों को कुछ उम्मीद जरूर बंधी है कि शहर के भीतर ट्रैफिक की समस्या में शायद जल्द ही कोई सुधार हो जाए। शहर के प्रमुख बाजारों फरवाही बाजार, हंडियाया बाजार, केसी रोड, बस स्टैंड रोड, जौड़े पेट्रोल पंप, धनौला रोड, सदर बाजार आदि स्थानों के अलावा तंग गलियों में दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों द्वारा अवैध रूप से कब्जे किए गए हैं। इस कारण रास्ता बंद हो जाता है और यह जाम की बड़ी समस्या का कारण बनता है। हालांकि कई बार नगर निगम के अधिकारियों द्वारा दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों को चेतावनी दी गई है और अभियान भी चलाए गए हैं, लेकिन इस समस्या का कोई पुख्ता समाधान नहीं हुआ है और इसका खामियाजा आम लोगों व शहर निवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
शहर के मुख्य चौकों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की कमी और सख्ती न होने के कारण वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। कर्मचारियों की कमी भी शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ रही है। हालांकि ट्रैफिक इंचार्ज शेरविंदर सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम में शामिल सिर्फ 11 कर्मचारियों द्वारा शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी और सख्ती न होना एक बड़ी समस्या बना हुआ है।
नए मेयर ने दिया था भरोसा: शहर वासी भरोसा पूरा होने का कर रहे इंतजार
अगर बरनाला शहर की बात की जाए तो यहां पार्किंग की एक बड़ी समस्या बनी हुई है। शहर के भीतर पार्किंग का कोई प्रबंध न होने के कारण लोग अपनी मर्जी से अपने वाहन गलियों और सड़कों के किनारे खड़े कर जाते हैं, जिससे कई बार भारी जाम की स्थिति बन जाती है। उचित पार्किंग स्थलों की कमी के कारण वाहन सड़कों पर खड़े किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि नगर निगम के नए बने मेयर हसनप्रीत भारद्वाज ने अपना पद संभालते समय इस समस्या के समाधान के लिए शहर वासियों को भरोसा दिया था और अतिरिक्त व लावारिस पड़ी खाली सरकारी इमारतों को पार्किंग में तब्दील करने की बात कही थी। लेकिन यह भरोसा कब तक पूरा होता है, शहर वासी इसका इंतजार कर रहे हैं।
नगर निगम बनने से बंधी उम्मीद: पूरी कब होगी, पता नहीं
नगर काउंसिल से नगर निगम में तब्दील हुए बरनाला शहर को जहां नया मेयर मिल गया है और उन्होंने बुधवार को कार्यभार संभाल लिया है, वहीं अब बरनाला वासियों को आ रही बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ उम्मीद बंधी है। यह उम्मीद कब पूरी होती है, इस बारे में अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है; लेकिन आने वाले दिनों में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। इसके अलावा सदर बाजार का काम पिछले काफी लंबे समय से धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण दुकानदारों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उसे भी जल्द पूरा करवाया जाए। साथ ही शहर के भीतर साफ-सफाई और अन्य अधूरे कामों को भी जल्द पूरा करवाया जाए।

